फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cervical Cancer: महिलाओं में क्यों बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के मामले? जानें क्या हैं इसके पीछे के प्रमुख कारण

Sun, 31 Aug 2025 06:36 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर वैश्विक स्तर पर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है।
  • अच्छी बात यह है कि शुरूआती स्टेज में इस कैंसर का पता लगने पर इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है।
  • आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि महिलाओं में क्यों होता है सर्वाइकल कैंसर?
विज्ञापन
1 of 5
सर्वाइकल कैंसर - फोटो : Freepik.com
Cervical Cancer Rise: सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है। हाल के वर्षों में भारत में भी इसके मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। इस बीमारी का सबसे प्रमुख कारण ह्यूमन पेपिलोमावायरस नामक वायरस है, जो सामान्यतौर पर यौन संबंध के माध्यम से फैलता है। हालांकि, एचपीवी ही एकमात्र कारण नहीं है। हमारी जीवनशैली, सामाजिक और आर्थिक कारण भी इस बीमारी के जोखिम को बढ़ाते हैं।

इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर इस बीमारी का शुरुआती दौर में पता चल जाए, तो इसका पूरी तरह से इलाज किया जा सकता है। दुर्भाग्य से जागरूकता की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच के कारण, कई मामलों का पता बहुत देर से चलता है। आइए इस लेख में हम कुछ प्रमुख कारणों के बारे में जानते हैं, जिनकी वजह से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन

2 of 5
ह्यूमन पेपिलोमावायरस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock Photos
ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण
सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण एचपीवी है। यह एक बहुत ही सामान्य यौन संचारित संक्रमण है। एचपीवी के कई प्रकार होते हैं, जिनमें से कुछ विशेष प्रकार (जैसे HPV 16 और 18) कैंसर का कारण बन सकते हैं। इन वायरस से बचाव के लिए, लड़कियों को कम उम्र में एचपीवी वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है। यह टीका इस कैंसर को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

ये भी पढ़ें- Karan kundra: क्या हैं वो तरीके जिसकी मदद से एक्टर करण कुंद्रा ने एक महीने में घटाया 12 किलो वजन? आप भी जानिए
विज्ञापन

3 of 5
सर्वाइकल कैंसर - फोटो : Freepik.com
खराब स्वच्छता और कम उम्र में विवाह
पर्सनल हाइजीन की कमी सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है। इसके अलावा, कम उम्र में विवाह और कम उम्र में ही यौन संबंध शुरू होने से भी ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे सर्वाइकल कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है।

ये भी पढ़ें- Health Alert: दिल्ली-एनसीआर में बढ़े 'लिवर संक्रमण' के मरीज, ये है मुख्य वजह; डॉक्टरों ने सभी को किया सावधान

4 of 5
वायरस - फोटो : Adobe Stock
कई यौन साथियों के साथ संबंध
कई यौन साथियों के साथ संबंध बनाना या ऐसे पार्टनर के साथ संबंध बनाना जिनके कई यौन साथी हों, एचपीवी संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को बहुत बढ़ा देता है। सुरक्षित यौन संबंध और एक ही साथी के साथ संबंध इस खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पैप टेस्ट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik.com
जागरूकता और स्क्रीनिंग की कमी
सर्वाइकल कैंसर का इलाज शुरुआती चरण में पूरी तरह से संभव है। लेकिन भारत में कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं में इस बीमारी के लक्षणों और रोकथाम के तरीकों के बारे में जागरूकता की कमी है। इसके अलावा, पैप टेस्ट जैसी नियमित स्क्रीनिंग की कमी भी एक प्रमुख कारण है, जिससे बीमारी का पता बहुत देर से चलता है।

स्रोत और संदर्भ
Cervical cancer
Cervical cancer (WHO)

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें