कोरोना के नए वैरिएंट्स ने बढ़ाई चुनौतियां
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संक्रमण की गंभीरता कम
डॉ रुचिका कहती हैं, फिलहाल अच्छी बात यह है कि इस बार संक्रमित हो रहे ज्यादातर लोग 2-3 दिनों में ही ठीक हो रहे हैं। गंभीर संक्रमण के केस बहुत ही कम हैं, ऐसे मामले सिर्फ उन्हीं लोगों में देखे जा रहे हैं जिनको कोमारबिडिटी की समस्या रह चुकी है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि हम कोरोना को हल्के में लेना शुरू कर दें।
कई यूरोपीय देशों में इन वैरिएंट्स के कारण हाल के महीनों में तेजी से हालात बिगड़ते हुए भी देखे गए हैं, इस जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।