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जानना जरूरी: इन वजहों से हो सकती है खर्राटे आने की समस्या, इन आसान से उपायों से पा सकते हैं आराम

Tue, 22 Mar 2022 07:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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खर्राटों की समस्या से हैं परेशान? - फोटो : Amarujala
आपने अक्सर कई लोगों को सोते समय खर्राटे मारते हुए देखा होगा। यह स्थिति काफी असहज करने वाली हो सकती है, इतना ही नहीं आसपास सो रहे लोगों की नींद भी खर्राटों के कारण टूट सकती है। आमतौर पर खर्राटों की समस्या को हम सभी सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के संकेत के रूप में देखते हैं। जब हम जागते हैं, तो हमारे गले और ऊपरी वायुमार्ग में मौजूद ऊतक खुले होते हैं। इससे फेफड़ों में हवा आसानी से पहुंच जाती है। हालांकि, सोते समय यह  ऊतक शिथिल हो जाते हैं जो वायुमार्ग को आंशिक रूप से अवरुद्ध कर सकते हैं। इसलिए, नींद में सांस लेते समय जब हवा आपके गले तक पहुंच रही होती है तो इस स्थिति में शिथिल ऊतकों को कंपन करने का कारण खर्राटे आते हैं। 

लोगों को अक्सर खर्राटों के साथ सांस लेने में रुकावट का अनुभव होता है। इस प्रकार की दिक्कत ज्यादातर हृदय रोग के जोखिम से संबंधित होते हैं जिसको लेकर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की आश्यकता होती है। बुढ़ापा, मोटापा, धूम्रपान या शराब पीने की आदत भी खर्राटों का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कि किन उपायों को प्रयोग में लाकर इस तरह की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है?
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खर्राटों से कैसे पाएं छुटकारा - फोटो : Pixabay
सोने के पोजिशन में बदलाव
यदि आप भी खर्राटे लेने की समस्या से परेशान हैं तो सोने के पोजिशन में बदलाव करके भी कुछ हद तक इस समस्या से राहत पाई जा सकती है। पीठ के बल सोने से कभी-कभी आपकी जीभ आपके गले के पीछे की ओर चली जाती है, जो आंशिक रूप से आपके गले के माध्यम से वायु प्रवाह को अवरुद्ध करती है। हवा के प्रवाह को बेहतर रखने और खर्राटों को कम करने के लिए करवट सोने से भी आराम मिल सकता है।  
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वजन बढ़ने के कारण खर्राटों की समस्या - फोटो : istock
वजन कम करना आवश्यक
मोटापा  को नींद के दौरान खर्राटे लेने का सामान्य कारण माना जाता है। अधिक वजन वाले व्यक्ति की मांसपेशियों की टोन अक्सर खराब होती है जिसके कारण गर्दन और गले के आसपास के ऊतकों में वृद्धि हो जाती है। इससे सोते समय बार-बार खर्राटे आ सकते हैं। आहार और जीवनशैली में बदलाव करके वजन को नियंत्रित करने और खर्राटों की समस्या से राहत पाई जा सकती है। वजन कम करने से कई तरह की अन्य बीमारियों का जोखिम भी कम हो जाता है।

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शराब पीने से बढ़ सकती है खर्राटे की समस्या - फोटो : pixabay
शराब-धूम्रपान से बनाएं दूरी
शराब-धूम्रपान, यह दोनों ही आदतें खर्राटे की समस्या को बढ़ा सकती हैं। शराब, गले की मांसपेशियों को प्रभावित करती है जिसके कारण आपको खर्राटे आने की दिक्कत हो सकती है। साल 2020 के एक अध्ययन के अनुसार शराब की आदत आपकी नींद की गुणवत्ता को भी प्रभावित करती है जिससे कई तरह के स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह धूम्रपान की आदत भी खर्राटों की समस्या का कारण बन सकती है।
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हाइड्रेशन बहुत आवश्यक - फोटो : istock
हाइड्रेशन का रखें पूरा ख्याल
निर्जलीकरण के परिणामस्वरूप आपकी नाक में बलगम बनता है जिससे खर्राटे आ सकते हैं। इसलिए, थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीते रहें। खुद को हाइड्रेटेड रखना खर्राटों के लिए सबसे आसान प्राकृतिक उपचारों में से एक हो सकता है। शरीर को हाइड्रेटेड रखकर आप कई तरह के स्वास्थ्य जोखिमों को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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