आपने अक्सर कई लोगों को सोते समय खर्राटे मारते हुए देखा होगा। यह स्थिति काफी असहज करने वाली हो सकती है, इतना ही नहीं आसपास सो रहे लोगों की नींद भी खर्राटों के कारण टूट सकती है। आमतौर पर खर्राटों की समस्या को हम सभी सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के संकेत के रूप में देखते हैं। जब हम जागते हैं, तो हमारे गले और ऊपरी वायुमार्ग में मौजूद ऊतक खुले होते हैं। इससे फेफड़ों में हवा आसानी से पहुंच जाती है। हालांकि, सोते समय यह ऊतक शिथिल हो जाते हैं जो वायुमार्ग को आंशिक रूप से अवरुद्ध कर सकते हैं। इसलिए, नींद में सांस लेते समय जब हवा आपके गले तक पहुंच रही होती है तो इस स्थिति में शिथिल ऊतकों को कंपन करने का कारण खर्राटे आते हैं।
लोगों को अक्सर खर्राटों के साथ सांस लेने में रुकावट का अनुभव होता है। इस प्रकार की दिक्कत ज्यादातर हृदय रोग के जोखिम से संबंधित होते हैं जिसको लेकर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की आश्यकता होती है। बुढ़ापा, मोटापा, धूम्रपान या शराब पीने की आदत भी खर्राटों का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कि किन उपायों को प्रयोग में लाकर इस तरह की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है?