शास्त्रों में भी लोहे की बर्तनों में खाना बनाने की सलाह दी जाती है। इसकी वजह ये है कि खाना पकाते वक्त कढ़ाई से लोहे का कुछ अंश भोजन में मिल जाता है जिससे खाने में पर्याप्त मात्रा में आयरन मिल जाता है।
विज्ञापन
2 of 9
- फोटो : getty images
अगर शरीर में हीमोग्लोबीन की कमी हो तो लोहे के बर्तनों में बना खाना खाने से फायदा पहुंचता है।
विज्ञापन
3 of 9
- फोटो : getty images
लेकिन लोहे के बर्तनों में खाना बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
4 of 9
- फोटो : getty images
रोज इन बर्तनों में खाना बनाने से बचना चाहिए। हफ्ते में केवल एक या दो बार ही पकाएं।
विज्ञापन
5 of 9
- फोटो : getty images
खट्टी या फिर एसिड वाली चीजों को इसमे पकाने से बचें। कढ़ी, रसम, सांभर या फिर ऐसी चीजें जिसमें टमाटर का प्रयोग होता हो।
विज्ञापन
6 of 9
- फोटो : getty images
लोहे के बर्तनों को धोने के बाद तुंरत तेल की हल्की सी परत लगा दें जिससे जंग ना लगे।
विज्ञापन
7 of 9
- फोटो : getty images
मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से 100 प्रतिशत तक पोषक तत्त्व खाने में बने रहते हैं और इसके साथ मिट्टी के अपने गुण और पोषक तत्व भी इसमें समा जाते हैं, जिससे भोजन में मौजूद गुण कई गुना बढ़ जाते हैं।
8 of 9
- फोटो : getty images
लंबे समय से लोग तांबे के बर्तन में पानी पीते आ रहे हैं। कई लोग रात को तांबे के बर्तन में पानी भरकर सुबह पीते हैं इससे पेट की सभी बीमारियां दूर होती हैं।
स्टेनलेस स्टील के बर्तन अच्छे, सुरक्षित और किफायती विकल्प हैं। इन्हें साफ करना भी बहुत आसान है। लेकिन अगर सेहत को लेकर ज्यादा सजग हैं तो स्टील के बर्तन कम उपयोग में लाएं।