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सेहत की बात: खाने में भर-भरकर मक्खन डालना पड़ सकता है भारी, जानिए क्या हो सकते हैं इसके नुकसान

Mon, 12 Oct 2026 11:29 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Healthy Eating: मक्खन खाने का स्वाद बढ़ाता है, लेकिन इसका अधिक सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसमें मौजूद संतृप्त वसा, बैड कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकती है। ज्यादा मक्खन खाने से वजन बढ़ने की आशंका भी रहती है।
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खाने में मक्खन - फोटो : Amarujala.com/AI
फूड-ब्लॉगिंग के वीडियो में आपने भी देखा होगा कि किस तरह से साधारण से व्यंजन को स्वादिष्ट और आकर्षक बनाने के लिए उसमें खूब सारा मक्खन डाल दिया जाता है। देखने में यह भले ही अच्छा लगे, लेकिन जरूरत से ज्यादा मक्खन खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

मक्खन वैसे तो डेयरी उत्पाद है और इसमें फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है। अच्छी गुणवत्ता वाले मक्खन का सीमित मात्रा में सेवन फायदेमंद हो सकता है। इसे हड्डियों और थायरॉइड के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना जाता है। हालांकि, अधिक मात्रा में इसका सेवन कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मक्खन में संतृप्त वसा (सैचुरेटेड फैट) अधिक होती है। इसका जरूरत से ज्यादा सेवन कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। इसके अलावा, ज्यादा मक्खन खाने से वजन बढ़ने और मोटापे की समस्या भी हो सकती है।

आइए जानते हैं कि ज्यादा मक्खन खाने से सेहत पर क्या असर पड़ सकता है?
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कोलेस्ट्रॉल की समस्या - फोटो : freepik.com
बैड कोलेस्ट्रॉल का खतरा सबसे ज्यादा

मक्खन का अधिक मात्रा में सेवन शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का स्तर बढ़ाने वाला पाया गया है। एक बड़े चम्मच मक्खन में लगभग सात ग्राम संतृप्त वसा होती है। इसका नियमित रूप से अधिक मात्रा में सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का जोखिम रहता है।
 
  • जब रक्त में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है, तो धमनियों की अंदरूनी दीवारों पर प्लाक जमा होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है।
  • इसके कारण धमनियां संकरी हो सकती हैं और हृदय रोगों के साथ हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।
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मोटापे की समस्या - फोटो : Adobe stock
मोटापे का हो सकते हैं शिकार

जरूरत से ज्यादा मक्खन खाना वजन बढ़ने की वजह बन सकता है। इसमें मौजूद संतृप्त वसा की अधिक मात्रा और अतिरिक्त कैलोरी शरीर में फैट जमा होने की समस्या को बढ़ा सकती है। कुछ अध्ययनों में अधिक मक्खन और संतृप्त वसा के सेवन को पेट के आसपास आंतरिक चर्बी बढ़ने के जोखिमों का कारण पाया गया है।
 
  • एक बड़े चम्मच मक्खन में लगभग 100 कैलोरी होती हैं। ऐसे में अगर आप रोजाना जरूरत से ज्यादा मक्खन खाते हैं, तो कुल कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है।
  • मोटापा अपने आप में कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है, जिनमें हृदय रोग और डायबिटीज भी शामिल हैं।

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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Adobe Stock Images
दिमाग की सेहत पर भी पड़ सकता है असर

मक्खन का अत्यधिक सेवन केवल वजन और हृदय स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे मस्तिष्क की सेहत से जुड़े कुछ जोखिमों का कारण भी पाया गया है। साल 2018 के एक अध्ययन में अधिक मात्रा में संतृप्त वसा के सेवन से अल्जाइमर रोग तथा डिमेंशिया के जोखिमों को बढ़ाने वाला पाया गया है।
  • इस अध्ययन में 8,630 प्रतिभागियों के डेटा के आधार पर संतृप्त वसा के अधिक सेवन से अल्जाइमर रोग का जोखिम 39 प्रतिशत और डिमेंशिया का जोखिम 105 प्रतिशत तक अधिक पाए जाने की बात बताई गई थी।
  • हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मक्खन खाना सीधे इन बीमारियों का कारण बनता है।
  • फिर भी, संतृप्त वसा का अत्यधिक सेवन सीमित रखना समग्र स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
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ज्यादा मक्खन तो नहीं खा रहे आप? - फोटो : Adobe Stock
कितना मक्खन खाना चाहिए?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संतृप्त वसा से मिलने वाली कैलोरी कुल दैनिक कैलोरी के 10 प्रतिशत से कम रखनी चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आप प्रतिदिन 2,000 कैलोरी लेते हैं, तो संतृप्त वसा की मात्रा लगभग 22 ग्राम प्रतिदिन से अधिक नहीं होनी चाहिए।
 
  • मक्खन में संतृप्त वसा अधिक होने के कारण इसका सेवन सीमित मात्रा में करना जरूरी है। इसकी जगह असंतृप्त वसा से भरपूर स्वस्थ तेलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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