पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं की एक समस्या है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि दुनियाभर में अनुमानित 17 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इसका शिकार हैं। पीसीओएस की समस्या की व्यापक प्रकृति को बेहतर ढंग से समझने के लिए हाल ही में इसका नाम बदलकर 'पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम' (पीएमओएस) कर दिया गया है।
पीसीओएस या पीएमओएस का नाम सुनते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में पीरियड्स की समस्या आती है। पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ये पीरियड्स की दिक्कतों से कहीं ज्यादा गंभीर स्थिति हो सकती है, जिसपर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
पीएमओएस को अक्सर सिर्फ पीरियड्स की समस्या समझा जाता है। लेकिन इसका असर शरीर के मेटाबॉलिज्म यानी भोजन से ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया पर भी हो सकता है। यही वजह है कि पीएमओएस वाली महिलाओं में ब्लड शुगर बढ़ने, डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस का भी खतरा हो सकता है।