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विशेषज्ञों की चेतावनी: त्वचा संबंधी बीमारियों का भी कारण बन सकता है मोटापा, जानिए कैसे करें बचाव

Sun, 19 Dec 2021 07:22 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोटापे के कारण होने वाली समस्या - फोटो : iStock
शरीर का फैलना और शरीर में फैट्स का इकट्ठा होना कई तरह से नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसके कारण सिर्फ हृदय रोग ही नहीं त्वचा से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं।  ये बात केवल शरीर पर पड़ रहे स्ट्रेच मार्क्स तक ही सीमित नहीं है। स्ट्रेच मार्क्स से गर्भवती महिलाओं को भी सामना करना पड़ता है लेकिन आमतौर पर भी किसी महिला या पुरुष के शरीर की त्वचा पर बढ़ते वजन की वजह से कई मुश्किलें हो सकती हैं। स्ट्रेच मार्क्स तो बस इसमें से एक हैं। यानी वजन बढ़ने के दौरान, वजन घटने के दौरान और इसके बाद भी स्किन पर कई निशान दिखाई दे सकते हैं। 

अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि जिम ज्वाइन करने से उनका वजन तो घट गया लेकिन उनकी बाहों, जांघों, पेट, सीने आदि पर सफेद से निशान उभर गए हैं। कुछ लोगों के चेहरे पर झाइयां सी बनने लगती हैं। इसी तरह बढ़ते वजन की वजह से चेहरे सहित पीठ, पेट, बाहों पर मुहांसे या फुंसियां, रैशेज़ आदि आने लगते हैं। यानी शरीर पर बढ़े वजन या घटते वजन का प्रभाव स्किन पर भी दिखाई देता है। 
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त्वचा संबंधी समस्या - फोटो : iStock
त्वचा की बदलती रंगत

एक स्वस्थ व्यक्ति की त्वचा हल्की गुलाबी, चमकदार होती है। त्वचा पर दाग-धब्बे, असमय झुर्रियां, रैशेज़, फुंसियां, तिल-मस्से या त्वचा के रंग बदलने जैसे लक्षण कई समस्याओं के संकेत हो सकते हैं, मोटापा भी इनमें से एक है। स्किन शरीर का कवर होता है, जब वजन बढ़ता या घटता है तो इस कवर पर भी असर पड़ता है। अक्सर मोटे लोगों या जिनका वजन बढ़ा हुआ होता है उनकी स्किन एकदम कसी हुई, ग्लो करने वाली और चमकदार होती है लेकिन ये हमेशा स्वस्थ होने की निशानी नहीं होती।

वजन बढ़ने के साथ जुड़ी होती हैं कई अन्य स्थितियां जैसे कि डायबिटीज, खराब ब्लड सर्कुलेशन, फैट्स का शरीर में इकट्ठा होना और हार्मोन्स का असन्तुलन आदि। ये सब मिलकर धीरे धीरे त्वचा के लिए मुश्किलें पैदा करने लगती हैं। ऐसे में कई बार त्वचा पर सूजन की वजह से भी चमक आ सकती है। 
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त्वचा की समस्या - फोटो : Pixabay
इन समस्याओं के बारे में भी जानिए

बढ़ता वजन स्किन पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इसकी वजह से जो समस्याएं स्किन पर उभरती हैं उनमें चमड़ी के पैरों पर इक्कठे होने से बनने वाला उभार यानी कैलस या फिर कॉर्न या जिसे आम भाषा में गोखरू और घट्टा भी कहा जाता है। यह सामान्यतः तलवे के पास होता है। इस समस्या में चमड़ी में सूजन के साथ दर्द भी होता है और चमड़ी कड़क हो जाती है। इसी तरह वजन के बढ़ने से गर्दन और बगलों पर भी त्वचा परतों में इकट्ठी होकर काली और रूखी हो जाती है।

इसके पीछे का एक कारण शरीर में बढ़े वजन के कारण हार्मोनल असंतुलन का होना भी है। इनके अलावा तिल और मस्सों का उभरना, हथेलियों के पीछे हड्डी पर चमड़ी का कड़क होकर काला पड़ जाना, वेरिकोज वेन्स, यीस्ट इंफेक्शन, स्ट्रेच मार्क्स, फंगल इंफेक्शन, सिर की त्वचा पर पपड़ी जमना आदि समस्याएं भी बढ़ते वजन के कारण हो सकती हैं। 
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युवाओं में मोटापे की समस्या - फोटो : istock
वजन को नियंत्रित कैसे किया जाए
 
नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन से आप वजन को संतुलित  कर सकते हैं लेकिन यदि वजन पहले ही काफी बढ़ गया है तो जरूरी है कि आप त्वचा पर अतिरिक्त ध्यान दें। एक्सरसाइज करते समय पसीने को पोंछने के लिए हमेशा एक साफ कपड़ा रखें क्योंकि पसीना स्किन के लिए कई खतरे पैदा कर सकता है। भरपूर पानी पीते रहिए ताकि शरीर से गंदगी बाहर निकलती रहे और त्वचा हाइड्रेट रहे।

अपने भोजन में ज्यादा से ज्यादा फाइबर को शामिल करें ताकि पाचन तंत्र दुरुस्त रहे। इससे भी त्वचा हेल्दी और चमकदार रहती है। वजन को हमेशा मेंटेन रखें। इसके अलावा यदि स्किन पर खुजली, फफोले, जलन, रैशेज़ आदि हों तो तुरन्त डॉक्टर से सलाह लें।


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अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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