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Testosterone: इस मेल हार्मोन की कमी आपको ऑस्टियोपोरोसिस का बना सकती है शिकार, इन समस्याओं का भी जोखिम

Fri, 19 May 2023 05:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आर्थराइटिस की समस्या - फोटो : iStock
शरीर के बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए हार्मोन्स का स्तर ठीक रहना जरूरी होता है। पुरुषों की अच्छी सेहत और बेहतर शारीरिक कार्यों के लिए टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। टेस्टोस्टेरोन को आमतौर पर सेक्स हार्मोन माना जाता है जो शरीर में और भी कई प्रकार से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुरुषों में सेक्स ड्राइव (कामेच्छा) से लेकर हड्डियों के द्रव्यमान, फैट की मात्रा, मांसपेशियों को स्वस्थ रखने और इसकी ताकत को ठीक रखने के साथ लाल रक्त कोशिकाओं और शुक्राणु के उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए यह हार्मोन बहुत आवश्यक है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई कारणों से युवाओं में टेस्टोस्टेरोन की कमी का निदान किया जा रहा है, यह सिर्फ आपकी कामेच्छा और सेक्स पावर के लिए ही दिक्कतें नहीं बढ़ाता बल्कि इसके कारण शरीर में और भी कई तरह की दिक्कतों का जोखिम बढ़ सकता है।

टेस्टोस्टेरोन  की कमी हड्डियों की बीमारियों से लेकर गंभीर थकान तक का कारण बन सकती है।
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शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी - फोटो : istock
टेस्टोस्टेरोन की कमी क्यों होती है?

डॉक्टर बताते हैं, शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी कई कारणों से हो सकती हैं। अगर आपको इससे संबंधित दिक्कतों का अनुभव हो रहा है तो किसी विशेषज्ञ से जरूर मिलें।

अगर आपको इस तरह की दिक्कतें रही हैं तो संभव है कि ये आपमें टेस्टोस्टेरोन की कमी का कारण बन सकती है।  
  • कीमोथेरेपी जैसे दवा का दुष्प्रभाव।
  • अंडकोष में चोट या कैंसर।
  • मस्तिष्क (हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी) की ग्रंथियों में समस्याएं, जो हार्मोन उत्पादन को नियंत्रित करती हैं।
  • थायराइड फंक्शन की समस्या
  • शरीर का वजन अधिक होना (मोटापा)।
  • क्रोनिक बीमारियां  या संक्रमण।
आइए जानते हैं कि टेस्टोस्टेरोन की कमी से किस तरह की दिक्कतें हो सकती हैं?
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ऊर्जा की कमी का जोखिम - फोटो : istock
हो सकती है ऊर्जा में कमी

शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी के कारण आपको ऊर्जा में कमी का अनुभव हो सकता है, आप अक्सर थकान-कमजोरी का अनुभव करते रह सकते हैं। हालांकि कई अन्य स्थितियां भी ऊर्जा को कम कर सकती हैं जैसे उम्र बढ़ना या अवसाद की समस्या।

अगर आपको लंबे समय से इस तरह की दिक्कतों का अनुभव होता आ रहा है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।

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मूड से संबंधित समस्या - फोटो : iStock
मूड में बदलाव

लो-टेस्टोस्टेरोन लेवल आपमें मूड से संबंधित समस्याओं का भी कारण बन सकता है जिसमें आपको उदासी, काम में मन न लगने से लेकर अवसाद तक की दिक्कत हो सकती है। कुछ पुरुषों में इसके कारण व्यक्तित्व में बदलाव भी देखे गए हैं। ऐसा लगता है कि जैसे अब उन्हें खुश करने के लिए कुछ भी नहीं किया जा सकता है। हालांकि जब टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य हो जाता है, तो इस तरह की दिक्कतें ठीक भी हो जाती हैं।
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ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम - फोटो : iStock
मांसपेशियों और हड्डियों से संबंधित दिक्कत

चूंकि टेस्टोस्टेरोन हार्मोन मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है, ऐसे में जब इसकी मात्रा कम हो जाती है तो आपकी मांसपेशियां और इसकी ताकत भी कम हो सकती है। लो-टेस्टोस्टेरोन लेवल वाले लोगों में हड्डियों के घनत्व में कमी से लेकर ऑस्टियोपोरोसिस तक की दिक्कत देखी गई है।

नियमित व्यायाम आपके टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। व्यायाम करते समय मांसपेशियों के बड़े समूहों पर काम करना सुनिश्चित करें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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