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हेल्थ अलर्ट: सिरदर्द की दवा कहीं किडनी को तो नहीं पहुंचा रही नुकसान? ये गलती पड़ सकती है भारी

Thu, 22 Oct 2026 07:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इबुप्रोफेन और नेप्रोक्सेन जैसी एनएसएआईडी पेनकिलर का लंबे समय तक इस्तेमाल या डिहाइड्रेशन के दौरान सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी रोग वाले लोगों को अधिक सावधानी रखनी चाहिए। 
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दर्द की दवाओं को लेकर सावधानी - फोटो : Amarujala.com/AI
मेडिकल रिपोर्टस में लगातार अलर्ट किया जाता रहा है कि शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए खान-पान और लाइफस्टाइल को ठीक रखना सबसे जरूरी है। हालांकि जिस तरह से लोगों की दिनचर्या खराब होती जा रही है इसने सिरदर्द, कमर दर्द, जोड़ों के दर्द को काफी आम कर दिया है।

आमतौर पर शरीर में दर्द होते ही ज्यादातर लोग ओवर-द-काउंटर पेनकिलर लेना शुरू कर देते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि ये छोटी सी लगने वाली आदत आपकी सेहत के लिए कई तरह से मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है? डॉक्टर की सलाह के बिना बार-बार दर्द निवारक दवाएं लेना किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इबुप्रोफेन और नेप्रोक्सेन जैसी नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडी) दवाएं किडनी में रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं।

कहीं आप भी तो अक्सर ये दवाएं नहीं ले रहे हैं?
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बार-बार लेते हैं पेनकिलर? - फोटो : Adobe Stock Photos
कौन-सी पेनकिलर किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं?

एनएसएआईडी यानी नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स दर्द और सूजन कम करने के लिए इस्तेमाल होती हैं। ये दवाएं किडनी में रक्त प्रवाह बनाए रखने में मदद करने वाले कुछ पदार्थों के निर्माण को रोक सकती हैं। लंबे समय तक इनके इस्तेमाल से किडनी का काम प्रभावित हो सकता है।
 
  • लंबे समय तक एनएसएआईडी दवाओं के कारण किडनी के काम करने की क्षमता घट जाती है। डिहाइड्रेशन होने पर अचानक किडनी इंजरी का खतरा बढ़ सकता है।
  • वहीं जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है उन्हें इस तरह की दवाओं को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
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किडनी की समस्याएं - फोटो : Adobe stock
दवाएं कहीं आपकी किडनी पर तो नहीं डाल रही हैं असर?

बार-बार पेनकिल दवाएं लेते रहने से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। इसके कारण आपको कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।  
  •  पेशाब की मात्रा काफी कम होना।
  • पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन आना।
  • बहुत ज्यादा थकान या कमजोरी।
  • सांस फूलना या शरीर में तरल पदार्थ जमा होना।

डॉक्टर कहते हैं बिना प्रिस्क्रिप्शन के लंबे समय तक पेनकिलर न लें। इसके अलावा उल्टी, दस्त या बुखार होने पर पानी की कमी का खतरा बढ़ जाता है ये स्थितियां भी किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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