डेंगू-मलेरिया का खतरा
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क्या सावधानियां जरूरी?
डॉक्टर बताते हैं,को-इंफेक्शन में एक बीमारी की मौजूदगी दूसरी बीमारी को छिपा सकती है। इसी वजह से बुखार वाले मरीज में डॉक्टर जरूरत के अनुसार डेंगू और मलेरिया दोनों की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। डेंगू-मलेरिया के को-इंफेक्शन वाले मरीजों में एनीमिया, प्लेटलेट कम होने और ठंड लगने जैसी दिक्कतें देखी जाती है, जो दोनों बीमारियों की ओर इशारा करती है, जिसके आधार पर डॉक्टर जांच की सलाह देते हैं।
डॉक्टर कहते हैं, डेंगू या मलेरिया का शक होने या तेज बुखार में खुद से एंटी-मलेरियल या दूसरी दवाएं न लें। हमेशा डॉक्टर से मिलकर लक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही दवा लें। कई बार खुद से ली गई दवाएं समस्या को और बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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