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American Cancer Society: महिलाओं में कॉमन है ब्रेस्ट कैंसर, डॉक्टर्स की सलाह- 40 की उम्र में जरूर करें ये काम

Fri, 02 Jun 2023 02:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्रेस्ट कैंसर - फोटो : iStock
ब्रेस्ट कैंसर, महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख जोखिम कारक है। अमेरिकन कैंसर एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका में हर साल करीब तीन लाख महिलाओं में स्तन कैंसर का पता चलता है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के मुताबिक साल 2020 में दुनियाभर में, 2.3 मिलियन (23 लाख) महिलाओं में स्तन कैंसर का निदान किया गया और यह वैश्विक स्तर पर 6.85 लाख से अधिक मौतों का कारण भी बना।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस कैंसर के इतने खतरनाक और जानलेवा होने का कारण है- समय पर समस्या का निदान न हो पाना। अगर महिलाएं इसके लक्षणों की समय रहते पहचान कर लें तो इलाज के माध्यम से न सिर्फ कैंसर को बढ़ने से रोका जा सकता है, साथ ही इसके कारण होने वाले मृत्युदर को भी कम किया जा सकता है। 
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स्तन कैंसर के जोखिम को कैसे कम करें? - फोटो : istock
40 की आयु सबसे महत्वपूर्ण

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी (एसीएस) के विशेषज्ञों का कहना है, स्तन कैंसर का जोखिम अब पहले की तुलना में  जरूर कम हुआ है, लोगों में जागरूकता बढ़ी है, साथ ही इसके प्रारंभिक लक्षणों की पहचान और उपचार के चलते कैंसर का इलाज आसान हो गया है। वैसे तो 30 की आयु में भी इस कैंसर के लक्षण देखे जा सकते हैं हालांकि 40 की आयु तक इसके मामले ज्यादा स्पष्ट होने लगते हैं।

अगर सभी महिलाएं 40-45 की आयु में कैंसर के निदान के लिए सुरक्षात्मक तौर पर मेमोग्राम टेस्ट करा लें तो इससे शुरुआती चरणों में ही समस्या का निदान किया जा सकता है। 
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कैंसर की जरूर कराएं स्क्रीनिंग - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

एसीएस के शोधकर्ता कहते हैं, जितनी जल्दी आप बीमारी का पता लगाएंगे, इलाज करना उतना ही आसान होगा। मैमोग्राम, स्तन का एक्स-रे टेस्ट होता है जो ट्यूमर का पता लगाने में सहायक है। औसतन 45-54 वर्ष की महिलाओं को वार्षिक मैमोग्राम जरूर करवाना चाहिए। 55 साल की उम्र के बाद मैमोग्राम हर 2 साल में किया जा सकता है। 

यूएस प्रिवेंटिव सर्विसेज टास्क फोर्स का कहना है कि 50 की आयु तक  सभी महिलाओं को डॉक्टर से परीक्षण के बारे में जरूर सलाह लेनी चाहिए। यही एक परीक्षण आपमे इस जानलेवा कैंसर के जोखिमों को पता लगाने में सहायक हो सकता है। 

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स्तन कैंसर की जांच जरूरी - फोटो : iStock
खुद से भी करती रहें जांच

टेस्ट के साथ-साथ सभी महिलाओं को स्तन की खुद से भी जांच जरूर करते रहना चाहिए। स्तन या निप्पल में अगर आपको कोई गांठ महसूस होती है तो इस बारे में तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें। वैसे स्तन में होने वाली 80 प्रतिशत गांठ, कैंसर कारक नहीं होती हैं। ये हानिरहित अल्सर या आपके मासिक धर्म चक्र से संबंधित ऊतकों में परिवर्तन के कारण भी हो सकती है। हालांकि सुरक्षात्मक तौर पर डॉक्टरी सलाह जरूर लें। 
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स्तन कैंसर की सावधानियां और इलाज - फोटो : iStock
स्तन कैंसर का हो सकता है इलाज

यदि आपकी गांठ, टेस्ट में कैंसर कारक पाई जाती है तो घबराएं नहीं, इसका इलाज हो सकता है। जितनी जल्दी इसका पता चल जाए, उतना अच्छा है। दवाइयों, थेरपी और उपचार के अन्य माध्यमों से कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोका जा सकता है। समय पर अगर कैंसर का इलाज हो जाता है तो यह आपमें जोखिमों को कम करने और मृत्यु के खतरे से बचा सकती है। ब्रेस्ट कैंसर के बारे में थोड़ी सी जागरूकता आपको गंभीर समस्याओं से बचाने में सहायक है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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