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Health Tips: ठंड में क्यों बढ़ जाता है ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम, डॉक्टर ने ये सावधानियां बरतने का दिया सुझाव

Sat, 27 Dec 2025 05:51 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Stroke Prevention Tips: ठंड के दिनों ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। यही वजह से इस मौसम में ब्रेन स्ट्रोक के मामले भी अधिक हो जाते हैं। आइए इस लेख में डॉक्टर से इसी के बारे में जानते हैं कि ऐसा होने के पीछे का बड़ा कारण क्या है? 
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ब्रेन की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
Stroke Prevention Tips: सर्दियों के मौसम में तापमान में अचानक गिरावट आना सेहत के लिए कई जोखिम पैदा करती है, साथ ही यह हमारे ब्लड फ्लो के लिए एक गंभीर चुनौती बन जाती है। जैसे ही पारा गिरता है, शरीर की रक्षा प्रणाली सक्रिय हो जाती है और गर्मी बचाने के लिए हमारी रक्त वाहिकाएं स्वाभाविक रूप से सिकुड़ने लगती हैं। इस प्रक्रिया को 'वासोकोनस्ट्रिक्शन' कहा जाता है, जिससे ब्लड फ्लो मुश्किल होने लगता है और हृदय को खून पंप करने के लिए अधिक बल लगाना पड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।

बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर धमनियों में खून का थक्का बनने के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। अगर यह थक्का दिमाग की किसी नस में जाकर फंस जाए, तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाती है, जिसे मेडिकल भाषा में ब्रेन स्ट्रोक या पैरालिसिस कहा जाता है। हाल ही में डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर उन सामान्य गलतियों के प्रति आगाह किया है जो जाने-अनजाने में स्ट्रोक के खतरे को आमंत्रित करती हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।


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नहाना - फोटो : Adobe Stock
अचानक तापमान परिवर्तन
डॉ. सोलंकी के अनुसार, गर्म पानी से नहाकर तुरंत ठंडे माहौल में जाना खतरनाक है, क्योंकि इससे नसें अचानक सिकुड़ जाती हैं। इसके अलावा कई लोग तंग मोजे पहनकर सो जाते हैं, जो पैरों में ब्लड फ्लो को धीमा कर देता है। पैरों में खून का संचार रुकने से थक्का बनने का रिस्क बढ़ जाता है, जो शरीर के अन्य अंगों तक पहुंच कर जानलेवा स्ट्रोक का कारण बन सकता है।

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रस्सी कूदना - फोटो : Adobe Stock
बिना वार्मअप एक्सरसाइज और नमक का अत्यधिक सेवन
ठंड में सुबह-सुबह बिना वार्मअप किए भारी व्यायाम करना दिल और दिमाग पर भारी पड़ता है। डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि शरीर को धीरे-धीरे तापमान के अनुकूल बनाना जरूरी है। साथ ही सर्दियों में चटोरी जीभ के चक्कर में अधिक नमक और अचार का सेवन ब्लड प्रेशर को अनियंत्रित कर देता है। हाई बीपी के मरीजों के लिए नमक की यह अधिकता सीधे तौर पर ब्रेन स्ट्रोक का ट्रिगर बन सकती है।

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चाय - फोटो : Adobe stock
तरल पदार्थों की कमी
सर्दियों में लोग अक्सर पानी पीना कम कर देते हैं और तरल पदार्थ के नाम पर केवल चाय या कॉफी का सहारा लेते हैं। डॉ. शालिनी बताती हैं कि कैफीन युक्त पेय शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट करते हैं, जिससे खून गाढ़ा होने लगता है। गाढ़ा खून धमनियों में थक्का जमने की संभावना को बढ़ाता है। शरीर को अंदर से साफ रखने और खून का पतलापन बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना अनिवार्य है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है
ब्रेन स्ट्रोक के खतरों को कम करने के लिए डॉ. सोलंकी ने सुझाव दिया है कि तापमान में गिरावट के दौरान अपने सिर और पैरों को अच्छी तरह ढककर रखें। अगर आपको हाई बीपी की समस्या है, तो नियमित जांच करवाएं और अचानक ठंडे माहौल में जाने से बचें। ध्यान रखें सर्दियों की ये छोटी-छोटी लापरवाहियां पैरालिसिस जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती हैं, इसलिए डॉक्टर द्वारा बताए गए इन बचावों को अपनी जीवनशैली में जरूर शामिल करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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