पिछले कुछ वर्षों में हार्ट अटैक के साथ स्ट्रोक के मामले भी काफी बढ़ते हुए देखे गए हैं। ये दोनों ही समस्याएं जानलेवा हो सकती हैं, दुर्भाग्यवश कम उम्र के लोगों में भी इसका जोखिम काफी तेजी से बढ़ता हुआ पाया गया है।
ब्रेन स्ट्रोक, दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। इससे जो लोग जीवित बच जाते हैं उनमें कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं जैसे लकवाग्रस्त होने, बोलने-दृष्टि से संबंधित दिक्कत, संज्ञानात्मक समस्याओं का खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 40 से कम उम्र के लोगों में भी स्ट्रोक के मामलों को बढ़ते हुए देखा गया है, जो निश्चित ही गंभीर चिंता का विषय है।
ब्रेन स्ट्रोक तब होता है जब कोई चीज मस्तिष्क के हिस्से में रक्त की आपूर्ति को अवरुद्ध कर देती है या किसी कारणवश मस्तिष्क में रक्त वाहिका फट जाती है। स्ट्रोक से स्थाई रूप से मस्तिष्क को क्षति, दीर्घकालिक रूप से विकलांगता या यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है। सभी लोगों में स्ट्रोक के लक्षण हों ये जरूरी नहीं है, कुछ शोध से पता चलता है कि लक्षण-मुक्त स्ट्रोक अधिक सामान्य हैं। आइए जानते हैं कि किन कारणों से स्ट्रोक का खतरा युवाओं-वयस्कों में भी बढ़ रहा है?