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सलाह: कोविड रिकवरी के बाद करें यह उपाय, म्यूकोरमाइकोसिस से बचाव में है बेहद कारगर

Mon, 24 May 2021 03:42 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social media
देश में कोविड-19 महामारी के बीच हाल के दिनों में म्यूकोरमाइकोसिस (जिसे ब्लैक फंगस के नाम से भी जाना जाता है) के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। इस फंगल संक्रमण ने तेजी से करीब 10 हजार लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। कैंसर के समान घातक इस संक्रमण को लेकर डॉक्टर, लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड संक्रमण से रिकवरी के बाद या कुछ लोगों को संक्रमण के दौरान भी यह संक्रमण हो सकता है। म्यूकोरमाइकोसिस के कारण होने वाली मृत्यु दर 50 से 60 फीसदी तक हो सकती है, यानी इस संक्रमण को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। लक्षणों की समय पर पहचान करके इसके इलाज की व्यवस्था करनी चाहिए।
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म्यूकर फेफड़ों में प्रवेश कर सकता है - फोटो : Social media
क्या सभी लोगों को है ब्लैक फंगस संक्रमण का खतरा
एम्स, नई दिल्ली में एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म विभाग के प्रमुख डॉ निखिल टंडन बताते हैं कि सभी लोगों को म्यूकोरमाइकोसिस से डरने की कोई जरूरत नहीं है। यह सिर्फ उन लोगों को प्रभावित करता है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है। म्यूकर फेफड़ों में प्रवेश कर सकता है लेकिन इसकी संभावना बहुत कम होती है। यदि व्यक्ति स्वस्थ है तो उसे घबराने की कोई जरूरत नहीं है, मजबूत इम्यूनिटी हमारे शरीर को इससे लड़ने में सक्षम बनाती है।
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नाक के आसपास दर्द को न करें नजरअंदाज - फोटो : Social media
किन लक्षणों को गंभीरता से लेने की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 के संदिग्ध, पुष्टि या संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में ब्लैक फंगस के मामले देखने को मिल रहे हैं। इसकी तुरंत पहचान कर उपचार कराने की जरूरत होती है। सभी लोगों को इन लक्षणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • नाक, आंख या मुंह से काला रिसाव।
  • नाक बंद होना।
  • नाक के आसपास गाल की हड्डियों में दर्द।
  • दांतों में दर्द और दांतों का हिलना।
  • बुखार।
  • शरीर का नीला पड़ना।
  • सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ होना। 
  • खून की उल्टी, मुंह से बदबू आना।

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ब्लैक फंगस से करें बचाव - फोटो : Social media
यह उपाय हो सकते हैं फायदेमंद
कोविड के जो रोगी ठीक होकर घर पर आ गए हैं उन्हें म्यूकोरमाइकोसिस से बचाव के लिए विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है। ऐसे लोगों को अस्पताल से छुट्टी के बाद घर पर ही 4 से 6 सप्ताह तक नमक पानी के गरारे करने के साथ नाक को साफ करते रहना चाहिए। इसके अलावा ठीक होने के बाद इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय जैसे- पौष्टिक आहार, रोजाना सुबह की धूप में बैठना, विटामिन सी और डी का सेवन करना चाहिए।
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डायबिटीज रोगी बरतें विशेष सावधानियां - फोटो : Pixabay
किन्हें विशेष सावधानी की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह संक्रमण डायबिटीज के रोगियों को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। जिन लोगों को श्वसन की परेशानी, किडनी की बीमारी, कैंसर या अंगों का प्रत्यारोपण हुआ है उनमें संक्रमण होने का डर अधिक होता है। देश के कई राज्यों में ब्लैक फंगस के नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।
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नोट: यह मीडिया रिपोर्टस और एम्स नई दिल्ली में एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म विभाग के प्रमुख डॉ निखिल टंडन के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें तथा किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के न करें।
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