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Heart Health: अभिनेत्री बिपाशा बसु की बेटी को दिल में छेद की समस्या, जानिए क्यों होती है हार्ट की ये दिक्कत

Mon, 07 Aug 2023 01:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बिपाशा बसु की बच्ची को हृदय की समस्या - फोटो : iStock
अभिनेत्री बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर पिछले साल नवंबर माता-पिता बने। उनकी बेटी देवी को सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब प्यार और स्नेह दिया। इस बीच एक इंटरव्यू में बिपाशा ने अपनी बेटी की सेहत को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। अभिनेत्री ने बताया कि उनकी बेटी को जन्मजात दिल में दो छेद था,  बिपाशा यह बताते हुए भावुक हो गईं कि जब वह तीन महीने की थी तो ही बच्चे की ओपन हार्ट सर्जरी कराई गई। उन्हें यह सुझाव दी गई थी कि हर महीने बच्ची का स्कैन कराना चाहिए ताकि ये पता चल सके कि क्या छेद अपने आप ठीक हो रहे हैं?

डॉक्टरों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि छेद इतने बड़े थे कि इनका खुद से ठीक होना संभव नहीं था। आइए जानते हैं कि दिल में छेद की ये समस्या क्यों होती है और इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
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हृदय में छेद की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : iStock
दिल में छेद होने की दिक्कत

दिल में छेद होने की समस्या को वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (एएसडी) के रूप में जाना जाता है, इसमें हृदय की दीवार (सेप्टम) में एक छेद होता है जो दो निचले कक्षों (वेंट्रिकल्स) को अलग करता है । इस दीवार को वेंट्रिकुलर सेप्टम भी कहा जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर स्थितियों में ये खतरा जन्मजात होता है, समय रहते इसका इलाज किया जाना आवश्यक माना जाता है, वरना इसके कारण हृदय से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं का जोखिम हो सकता है।
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दिल में होने वाली समस्याओं के बारे में जानिए - फोटो : istock
वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, वेंट्रिकुलर सेप्टल दोष गर्भावस्था के दौरान होने वाली समस्या है जो तब होती है जब दोनों वेंट्रिकल्स के बीच बनी दीवार पूरी तरह से विकसित नहीं होती है, इसके कारण इस स्थान पर छेद रह जाता है। जिन बच्चों में वेंट्रिकुलर सेप्टल दोष की समस्या होती है, उनमें रक्त का संचार बाएं वेंट्रिकल से  दाएं वेंट्रिकल और फेफड़ों में प्रवाहित होता है।

इस स्थिति में फेफड़ों में पंप होने वाले इस अतिरिक्त रक्त के कारण हृदय और फेफड़ों को अधिक मेहनत करने की समस्या हो सकती है। समय के साथ, यदि इसे ठीक न किया जाए तो इस दोष के कारण कई तरह की अन्य जटिलताओं के जोखिम  भी बढ़ा सकता है।

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हृदय में होने वाली समस्याएं - फोटो : pixabay
क्यों होती है हृदय की ये समस्या?

अधिकांश शिशुओं में हृदय दोष (जैसे वेंट्रिकुलर सेप्टल दोष) के कारणों को ठीक तरीक से समझा नहीं जा सका है। कुछ शिशुओं में उनके जीन या गुणसूत्रों में परिवर्तन के कारण इस तरह की हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यह भी माना जाता है कि गर्भावस्था के दौरान मां, पर्यावरण में जिन चीज़ों के संपर्क में आती है जो चीजें खाती पीती है, उसके कारण भी हृदय से संबंधित इस तरह की समस्याओं के विकसित होने का खतरा हो सकता है।
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जन्मजात हृदय दोष के बारे में जानिए - फोटो : iStock
कैसे जानें बच्चे को है इस तरह की दिक्कत

जन्मजात हृदय दोष की समस्या वाले बच्चों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कई बच्चों में इसके लक्षण जन्म के समय नजर नहीं आते हैं। यदि छेद छोटा है, तो यह आमतौर पर अपने आप बंद हो जाता और शिशु को दोष का कोई लक्षण दिखाई नहीं देता है, हालांकि छेद बड़ा होने की स्थिति में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।

बच्चे को अगर सांस लेने में कठिनाई हो रही हो या फिर तेजी से सांस आ रही हो, अधिक पसीना आने की समस्या हो या फिर शरीर की वजन न बढ़ रहा हो तो इस तरह के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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