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Health Tips: रात में 7-8 के बीच डिनर के क्या फायदे हैं, इसके बाद भोजन करने से क्या होता है? जानिए विस्तार से

Fri, 08 Aug 2025 09:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • आयुर्वेद से लेकर आधुनिक मेडिकल साइंस तक, सभी इस बात पर सहमत हैं कि रात में डिनर करने का सबसे सही समय शाम 7 से 8 बजे के बीच होता है। 
  • क्या आप जानते हैं कि देर रात का खाना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है?
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खान-पान का समय रखें ठीक - फोटो : Freepik.com
अच्छी सेहत के लिए खान-पान ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। आप जो कुछ भी खाते हैं उसका सेहत पर सीधा असर होता है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को आहार में ऐसी चीजों को अधिक से अधिक मात्रा में शामिल करने की सलाह देते हैं जिससे जरूरी सभी पोषक तत्व और विटामिन्स-मिनरल्स की पूर्ति हो सके।

पर क्या आप जानते हैं कि जितना जरूरी आहार की पौष्टिकता पर ध्यान देना है, उतना ही जरूरी है कि आप सही समय पर भोजन करें, विशेषतौर पर डिनर यानी रात का भोजन सही समय पर करना बहुत जरूरी है।

अक्सर हम दिनभर की भागदौड़ में डिनर का समय भूल जाते हैं। कभी 9 बजे, कभी 10 या 11 बजे खाना खाते हैं और फिर सीधा सोने चले जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देर रात का खाना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है? आयुर्वेद से लेकर आधुनिक मेडिकल साइंस तक, सभी इस बात पर सहमत हैं कि रात में डिनर करने का सबसे सही समय शाम 7 से 8 बजे के बीच होता है। खासतौर पर अगर आप रात 8 बजे से पहले डिनर करते हैं, तो शरीर को कई फायदे मिलते हैं। 
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रात का खाना कब तक खा लेना चाहिए? - फोटो : Freepik.com
7-8 बजे के बीच डिनर करना सबसे अच्छा

अध्ययनों से पता चलता है कि रात में 7-8 बजे के बीच डिनर करना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को लाभ पहुंचा सकता है। रात का खाना जल्दी खाने से न सिर्फ वजन घटता है, बल्कि नींद, दिल, पाचन और शुगर कंट्रोल में भी बड़े फायदे होते हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार जल्दी खाना खाने वालों में हाई बीपी 27% और हाई कोलेस्ट्रॉल का 19% कम पाया गया है। रात 8 बजे के बाद डिनर करने पर 20% ज्यादा शुगर स्पाइक देखा गया है।

इसके अलावा वजन घटाने, पाचन स्वास्थ्य और नींद की गुणवत्ता में भी इसके लाभ हैं।
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पेट की समस्या - फोटो : Adobe stock
जल्दी डिनर से पाचन तंत्र बेहतर होता है

रात में जल्दी खाना खाने का सबसे बड़ा फायदा है कि इससे पाचन ठीक रहता है। जब आप 8 बजे से पहले खाना खाते हैं, तो शरीर को उसे पचाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। भोजन पचने में लगभग 2 से 4 घंटे लगते हैं। अगर हम खाना खाकर तुरंत सो जाते हैं, तो पाचन क्रिया धीमी हो जाती है और गैस, कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्याएं होने लगती है।

जर्नल ऑफ क्लिनिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी में प्रकाशित शोध में पाया गया कि रात का भोजन जल्दी करने से एसिड रिफ्लक्स (सीने में जलन) का खतरा 50% तक कम हो जाता है। आयुर्वेद में भी बताया गया है कि सूर्य के अस्त होने के बाद पाचन शक्ति धीमी हो जाती है, इसलिए रात को हल्का और जल्दी खाना चाहिए।

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नींद की गुणवत्ता कैसे ठीक करें? - फोटो : adobe stock
 नींद की गुणवत्ता भी होती है बेहतर

रात में देर से खाना खाने से शरीर को आराम नहीं मिलता क्योंकि वह खाना पचाने में लगा रहता है। इसका नींद पर भी असर देखा जाता है।

हार्वर्ड मेडिकल की रिसर्च के अनुसार, सोने से 2-3 घंटे पहले भोजन करने से शरीर को शांत और नींद को गहरा बनने में मदद मिलती है। जो लोग जल्दी डिनर करते हैं, उन्हें नींद के दौरान गैस, सीने की जलन या भारीपन कम महसूस होता है। इससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। अच्छी नींद मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।
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वेट लॉस के लिए कब करें डिनर? - फोटो : Freepik.com
वजन घटाने में मदद मिलती है

अगर आप वजन घटाना चाहते हैं तो सिर्फ डाइट नहीं, खाने का समय भी मायने रखता है। इंटरनेशन जर्नल ऑफ ओवेसिटी (2013) में बताया गया कि जो लोग शाम 7 बजे से पहले खाना खाते हैं, उनमें वजन घटने की दर तेज होती है, क्योंकि शरीर कैलोरी को ऊर्जा में बदल पाता है।

देर रात डिनर करने से खाना फैट के रूप में स्टोर होने लगता है। जल्दी खाना खाने से मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है और इंसुलिन बेहतर तरीके से काम करता है। साथ ही, रात के खाने के बाद फिजिकल एक्टिविटी या वॉक का समय भी मिल जाता है, जो कैलोरी बर्न करने में मदद करता है।
  • डायबिटीज के मरीजों के लिए भी समय पर डिनर करना जरूरी है। जल्दी डिनर करने वाले लोगों का फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल बेहतर होता है।
  • देर रात खाना खाने से शरीर का सर्केडियन रिदम गड़बड़ हो जाता है, जिससे हॉर्मोनल असंतुलन का खतरा रहता है। 
     

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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