मोटापा वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में से एक है, जिसे कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का कारण माना जाता रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि भारत दुनियाभर में मोटापाग्रस्त शीर्ष तीन देशों में से एक है। यहां की 70 फीसदी से अधिक की आबादी अधिक वजन या मोटापा का शिकार हो सकती है।
इतना ही नहीं भारतीय महिलाओं में मोटापे की दर 1990 में 1.2% से बढ़कर 2022 में 9.8% और पुरुषों के लिए 0.5% से बढ़कर 2022 में 5.4% हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बढ़ती मोटापे की स्थिति का स्वस्थ्य क्षेत्र पर गंभीर असर हो सकता है।
हालांकि अब मोटापा को कम करना आसान होने वाला है। भारत ने माउंजरो इंजेक्शन को मंजूरी दे दी है, अध्ययनों में इस दवा को वजन घटाने में प्रभावी पाया गया है। वैसे तो इस इंजेक्शन को टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए बनाया गया था हालांकि अध्ययन में पाया गया है कि यह वेट लॉस में भी असरदार हो सकती है।