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Healthy Snacks Ideas: हर समय चटर-पटर खाने की आदत है तो इन हेल्दी स्नैक्स को करें डाइट में शामिल

Thu, 18 Jun 2026 11:03 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Healthy Snacks Ideas: अगर आपकी हमेशा चटर-पटर खाने की आदत है तो यहां हम आपको स्नैक्स के कुछ हेल्दी विकल्प बताएंगे। ताकि इसके सेवन से आपको किसी तरह की कोई दिक्कत न होने पाए। 
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हेल्दी रहना है तो जंक फूड की जगह खाएं ये पौष्टिक स्नैक्स - फोटो : AI
Healthy Snacks Ideas: ऑफिस में काम करते समय, टीवी देखते हुए या फिर खाली समय में अक्सर लोग चिप्स, नमकीन, बिस्किट और अन्य जंक फूड का सेवन करने लगते हैं। हालांकि, यह आदत लंबे समय में वजन बढ़ने, पाचन संबंधी समस्याओं और कई स्वास्थ्य परेशानियों का कारण बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि अनहेल्दी स्नैक्स की जगह हेल्दी विकल्पों को चुना जाए। 

हेल्दी स्नैक्स न केवल आपकी भूख को शांत करते हैं, बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। इनमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो ऊर्जा बनाए रखने और ओवरईटिंग से बचाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे हेल्दी स्नैक्स के बारे में, जिन्हें आप बिना किसी चिंता के अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

 
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हेल्दी रहना है तो जंक फूड की जगह खाएं ये पौष्टिक स्नैक्स - फोटो : freepik.com
भुना हुआ चना
 
  • भुना हुआ चना हेल्दी स्नैक्स की सूची में सबसे ऊपर माना जाता है। 
  • इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
  •  इसका सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। 
  • यही कारण है कि वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भुना चना एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है।
  •  साथ ही यह शरीर को ऊर्जा देने में भी मदद करता है।

 
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हेल्दी रहना है तो जंक फूड की जगह खाएं ये पौष्टिक स्नैक्स - फोटो : Adobe Stock
मखाना
 
  • मखाना एक लो-कैलोरी और हाई-फाइबर स्नैक है, जिसे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। 
  • इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।
  •  हल्का भुना हुआ मखाना खाने से भूख नियंत्रित रहती है और अनहेल्दी स्नैक्स खाने की इच्छा कम हो सकती है। 
  • यह हृदय स्वास्थ्य और वजन प्रबंधन के लिए भी अच्छा माना जाता है।

 

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हेल्दी रहना है तो जंक फूड की जगह खाएं ये पौष्टिक स्नैक्स - फोटो : Freepik.com
 ताजे फल
 
  • फल प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों का खजाना होते हैं। 
  • सेब, केला, अमरूद, पपीता और संतरा जैसे फलों में विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
  •  इनका सेवन शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ इम्यूनिटी मजबूत बनाने में मदद करता है। 
  • फल खाने से पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है और शरीर लंबे समय तक तरोताजा महसूस करता है।

 
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हेल्दी रहना है तो जंक फूड की जगह खाएं ये पौष्टिक स्नैक्स - फोटो : Freepik.com
 ड्राई फ्रूट्स
 
  • बादाम, अखरोट, पिस्ता और काजू जैसे ड्राई फ्रूट्स हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और कई महत्वपूर्ण विटामिन्स का अच्छा स्रोत हैं। 
  • सीमित मात्रा में इनका सेवन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और भूख भी नियंत्रित रहती है। 
  • अखरोट और बादाम विशेष रूप से दिमाग और हृदय की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
  •  इन्हें स्नैक के रूप में खाने से जंक फूड की आदत कम की जा सकती है।

 
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हेल्दी रहना है तो जंक फूड की जगह खाएं ये पौष्टिक स्नैक्स - फोटो : Adobe Stock
स्प्राउट्स
 
  • अंकुरित मूंग, चना और अन्य दालें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन्स से भरपूर होती हैं। 
  • अंकुरण की प्रक्रिया के बाद इनमें पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ये और भी ज्यादा फायदेमंद बन जाते हैं। 
  • स्प्राउट्स खाने से पाचन बेहतर होता है, शरीर को ऊर्जा मिलती है और मांसपेशियों के विकास में भी मदद मिल सकती है। 
  • यह फिटनेस पसंद करने वाले लोगों के लिए एक शानदार स्नैक विकल्प है।

 
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हेल्दी रहना है तो जंक फूड की जगह खाएं ये पौष्टिक स्नैक्स - फोटो : Freepik.com
 मूंगफली
 
  • मूंगफली को गरीबों का बादाम भी कहा जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। 
  • सीमित मात्रा में मूंगफली खाने से भूख कम लगती है और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है। 
  • यह मांसपेशियों को मजबूत बनाने और शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है। 
  • शाम के समय चाय के साथ मूंगफली एक हेल्दी स्नैक विकल्प हो सकती है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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