प्रोस्टेट, पुरुषों में होने वाली बहुत कॉमन बीमारी है। 50 से अधिक आयु वाले पुरुषों में इस रोग का खतरा अधिक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 60 वर्ष की आयु तक आधे से अधिक पुरुषों में बढ़े हुए प्रोस्टेट की दिक्कत हो सकती है। इसे बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (बीपीएच) के नाम से भी जाना जाता है। 85 वर्ष की आयु तक ये अनुपात 90% तक पहुंच जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बीपीएच के कारण प्रोस्टेट कैंसर या यौन समस्याएं होने का खतरा तो ज्यादा नहीं होता है, पर यह जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।
हार्वर्ड विशेषज्ञों ने बताया, प्रोस्टेट की समस्या पर अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो इसके जानलेवा दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। इसलिए लक्षणों पर नजर बनाए रखना और खतरे को लेकर सावधानी बरतना सभी के लिए आवश्यक है।