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सर्दियों में मक्के की रोटी खाने से होते हैं ढेरों फायदे, दूर हो जाती है कब्ज की समस्या

Sat, 26 Dec 2020 04:51 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इसे पचाना बेहद आसान होता है - फोटो : Social Media

सर्दियों में अधिकतर घरों में समय-समय पर मक्का की रोटी बनाकर खाई जाती है। मक्का की रोटी बनाने के पीछे स्वाद ही एकमात्र कारण नहीं होता है बल्कि इससे शरीर को कई सारे फायदे पहुंचते हैं। आजकल की युवा पीढ़ी इसे खाने से कतराती है क्योंकि यह दिखने में एकदम मोटी और भारी- भारकम होती है लेकिन सच्चाई तो यह है कि इसे अन्य किसी अनाज की रोटी के मुकाबले पचाना बेहद आसान होता है। मक्के की रोटी में विटामिन-ए, बी, ई और कई तरह के मिनरल्स जैसे आयरन, कॉपर, जिंक, मैग्नीज, सेलेनियम, पोटेशियम आदि भरपूर मात्रा में पाए जाता हैं। इस वजह से यह शरीर को एकदम स्वस्थ रखती है। अगली स्लाइड्स से जानते हैं सर्दियों में मक्के की रोटी के सेवन से होते हैं किस प्रकार फायदे।

 

 

  

 

 

 

 

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मोशन सामान्य होते हैं - फोटो : Social media

कब्ज से राहत
मक्के की रोटी भले ही दिखती मोटी और भारी हो लेकिन गेहूं की रोटी की तुलना में इसे पचाना बेहद आसान होता है। मक्के में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को सही रखता है और हानिकारक पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने का काम करता है। जिस वजह से कब्ज की समस्या शरीर में ज्यादा समय तक नहीं रह पाती है। मोशन सामान्य होते हैं और एसिडिटी की समस्या में भी इसके सेवन से राहत मिलती है।
 

 


 

 

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मक्के की रोटी में ओमेगा-३ फैटी एसिड भी होता है - फोटो : social media

ह्रदय को रखे स्वस्थ
यह कोलेस्ट्रॉल को कम कर कार्डियोवस्कुलर की रिस्क को कम करता है। मक्के की रोटी में ओमेगा-३ फैटी एसिड भी होता है जो दिल को स्वस्थ बनाता है। इसके अलावा यह हाई बीपी की समस्या को कम कर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम करता है। सर्दियों में नियमित रूप से इसे खाने से शरीर में से बुरे कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम हो जाता है।


 

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मक्के में फोलिक एसिड अच्छी मात्रा में पाया जाता है - फोटो : Pixabay
गर्भावस्था में करें सेवन
सर्दियों में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहे इसके लिए बहुत जरूरी है कि गर्भवती महिलाएं अपने आहार मे मक्के की रोटी को जरूर शामिल करें। गर्भवती महिलाओं में यदि फोलिक एसिड की कमी रहती है तो जन्म के वक्त बच्चे का वजन भी कम हो सकता है। मक्के में फोलिक एसिड अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इसलिए अपने चिकित्सक का एक बार परामर्श लेकर मक्के की रोटी का सेवन शुरू करें।
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शरीर में ऊर्जा बनी रहती है - फोटो : pixa

वजन करे कम
आपने ध्यान दिया होगा कि यदि आप सर्दियों में एक बार में 4 गेहूं की रोटी खा लेते हैं तो आप मक्के की 2 ही रोटी खा पाएंगे। मक्के की रोटी का सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। आपका पेट एक ही बार में भर जाता है। आपको बार-बार भूख नहीं लगती है। जब आप बार-बार कुछ भी नहीं खाएंगे तो वजन बढ़ने का तो सवाल ही नहीं उठता है।

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