Benefits Of Drinking Gond Katira Water: आपने अक्सर लोगों को ये कहते सुना होगा कि गर्मी के मौसम में गोंद कतीरा काफी फायदेमंंद होता है। इसे पीने से क्या होता है, और इसे पीने का सही तरीका क्या है, आइए जानते हैं।
Benefits Of Drinking Gond Katira Water: तेज धूप, पसीना और बढ़ता तापमान शरीर में पानी की कमी पैदा कर देता है, जिससे कमजोरी, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे मौसम में लोग प्राकृतिक और हेल्दी ड्रिंक्स की तलाश करते हैं, जिनमें गोंद कतीरा का नाम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
गोंद कतीरा एक प्राकृतिक गोंद है, जिसे पानी में भिगोने पर यह जेली जैसा बन जाता है। आयुर्वेद में इसे शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला सुपरफूड माना गया है। यह न सिर्फ शरीर को अंदर से ठंडा रखता है, बल्कि पाचन सुधारने, एसिडिटी कम करने और त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में भी मदद करता है।
सही मात्रा में सेवन करने पर गोंद कतीरा गर्मियों में शरीर को एनर्जी और ताजगी देने का काम करता है। हालांकि इसका सेवन करने से पहले सही तरीका और सावधानियां जानना भी जरूरी है।
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गोंद कतीरा पीने के फायदे
- फोटो : अमर उजाला
गोंद कतीरा क्या है?
गोंद कतीरा एक प्राकृतिक गोंद है जो ट्रागाकैंथ पौधे से प्राप्त होता है। इसे पानी में भिगोने पर यह फूलकर जेली जैसा बन जाता है। गर्मियों में इसे प्राकृतिक कूलर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
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गोंद कतीरा पीने के फायदे
- फोटो : Freepik.com
गोंद कतीरा ड्रिंक कैसे बनाएं?
1-2 चम्मच गोंद कतीरा को 4-6 घंटे पानी में भिगो दें।
फूलने के बाद इसमें ठंडा पानी या दूध मिलाएं।
स्वाद के लिए शहद, चीनी, गुलाब जल या इलायची डाल सकते हैं।
अच्छी तरह मिलाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें।
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गोंद कतीरा पीने के फायदे
- फोटो : Freepik.com
कब पिएं?
गर्मियों में दिन में एक बार, खासकर दोपहर के समय इसका सेवन करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
डायबिटीज मरीज मीठा कम डालें।
ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पेट संबंधी दिक्कत हो सकती है।
गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह के बाद ही सेवन करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।