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Health Tips: पोषण के मामले में पालक को टक्कर देता है ये देसी साग, कई लोग घास समझकर फेक देते हैं

Sat, 15 Nov 2025 06:42 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Bathua Saag Ke Fayde:पालक के साग हमारे समाज में बहुत चाव से खाया जाता है। जाहिर है इसे खाने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। मगर आज हम इस लेख में ऐसे साग के बारे में बात करने वाले हैं जिसके बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है, और वो भी हमारे सेहत के लिए पालक जितना फायदेमंद है। आइए जानते हैं।
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बथुआ - फोटो : Amar Ujala
Bathua Khane Se Kya Hota Hai: हमारे देश में कई तरह के साग मिलते हैं, जिन्हें लोग बहुत चाव से खाते हैं। इनमें से एक फेमस साग पालक है और यह बात सभी को मालूम है कि पालक सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। मगर आज हम इस लेख में एक और ऐसे साग के बारे में जानने वाले हैं जिसका सेवन करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, हम बात कर रहे हैं बथुआ साग की। पोषण के मामले में यह साग पालक को भी टक्कर दे सकता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बहुत से लोग इसे घास समझकर फेंक देते हैं।

बथुआ एक ऐसा साग है जो सर्दियों में खेतों में अपने आप ही उग जाता है। यह साग कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन ए, और फास्फोरस जैसे महत्वपूर्ण खनिजों का एक शानदार स्रोत है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, जहां पालक को आयरन और विटामिन K के लिए जाना जाता है, वहीं बथुआ में विटामिन A और फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा, बथुआ में ऐसे आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं जो आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।

यह न केवल आपके आहार को विटामिन और मिनरल से समृद्ध करता है, बल्कि इसे नियमित रूप से खाने से शरीर को आंतरिक रूप से मजबूती मिलती है। अच्छी बात यह है कि ये साग बाजार में आसानी से किफायती दाम पर उपलब्ध होते हैं। इसलिए आइए इस लेख में इस साग से मिलने वाले फायदे के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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बथुआ - फोटो : Adobe Stock
पाचन तंत्र को रखता है दुरुस्त
बथुआ के साग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पाचन तंत्र के लिए बहुत अच्छा होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद करता है और आंतों की गतिशीलता को बढ़ाता है। यह एक प्राकृतिक रेचक के रूप में कार्य करता है।

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इम्युनिटी - फोटो : Adobe stock photos
इम्यूनिटी और रक्त शोधन
बथुआ में पर्याप्त मात्रा में विटामिन C होता है, ये आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही यह खून को साफ करने का भी काम करता है। बथुआ में पाए जाने वाले आवश्यक तेल और खनिज शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा साफ होती है और संक्रमण का खतरा कम होता है।

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बथुआ - फोटो : Adobe Stock
हड्डियों और दांतों के लिए आवश्यक
बथुआ कैल्शियम और फॉस्फोरस का एक बेहतरीन स्रोत है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा ऑस्टियोपोरोसिस जैसे हड्डियों के रोगों से बचाती है। इसके अलावा इसमें मैग्नीशियम भी होता है, जो कैल्शियम के अवशोषण में सहायता करता है।
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बथुआ - फोटो : Adobe Stock
एनीमिया (खून की कमी) में फायदेमंद
बथुआ में आयरन की अच्छी मात्रा होती है, हालांकि इसे पारंपरिक रूप से पालक जितना नहीं माना जाता, लेकिन यह खून की कमी यानी एनीमिया के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। यह हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है और शरीर में ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में भी सहायक होता है।

बथुआ साग में ऑक्सालेट की अधिक मात्रा होती है, इसलिए किडनी के मरीजों को यह नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह किडनी स्टोन बना सकता है। गर्भवती महिलाओं को भी इसके सेवन से बचना चाहिए क्योंकि यह गर्भाशय में संकुचन पैदा कर सकता है। इसलिए, इन दोनों स्थितियों में इसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही आहार में शामिल करना सुरक्षित है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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