डेंगू और इसके खतरे
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डेंगू के चारों का सेरोटाइप एक्टिव होना और चिंताजनक
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. एबीएम अब्दुल्ला कहते हैं,, बार-बार डेंगू संक्रमण होना और बीमारी की पहचान में देरी होना गंभीर मामलों और मौतों की बड़ी वजह बन रही है। जिन लोगों को पहले डेंगू हो चुका है, उनमें अगली बार संक्रमण होने पर बीमारी गंभीर होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा देश में डेंगू के चारों सेरोटाइप एक्टिव हैं, जिससे चिंता और बढ़ रही है।
डेंगू वायरस के चार मुख्य सेरोटाइप होते हैं- डेनवी-1, डेनवी-2,डेनवी-3,डेनवी-4।
दूसरी बार डेंगू होना और खतरनाक
मेडिकल विशेषज्ञ के मुताबिक जब किसी को पहली बार डेंगू होता है, तो कई बार उसे पता ही नहीं चलता कि वह संक्रमित है। ऐसे में डेंगू के लक्षणों को फ्लू या किसी दूसरी सामान्य बीमारी का असर समझा जा सकता है और बिना किसी गंभीर परेशानी के ठीक भी हो सकता है। लेकिन बाद में होने वाला डेंगू संक्रमण ज्यादा गंभीर हो सकता है।
- दूसरी, तीसरी या चौथी बार डेंगू संक्रमण होने से गंभीरता बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
- फिलहाल सरकार डेंगू के खतरे को कम करने के लिए लगातार उपाय कर रही है, साथ ही लोगों को भी डेंगू से बचाव करते रहने की सलाह दी गई है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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