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Alert: रोजमर्रा की ये गलतियां समय से पहले ही आपको बना देंगी बूढ़ा, जानें कौन सी आदतें हैं सबसे नुकसानदायक

Mon, 24 Nov 2025 05:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • अगर आप भी समय से पहले होने वाले बुढ़ापे से बचना चाहते हैं तो इसके लिए आज से ही अपनी दिनचर्या और खानपान की आदतों में सुधार कर लीजिए। 
  • आइए जानते हैं कि किन आदतों के कारण समय से पहले बुढ़ापा आने का खतरा रहता है जिससे सभी लोगों को बचाव करते रहना चाहिए?
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समय से पहले बुढ़ापे की समस्या - फोटो : Adobe stock
हर कोई चाहता है कि वह 90-100 साल तक स्वस्थ रहे, काम करे और बिना बीमारी के जीवन का आनंद ले। लेकिन आधुनिक जीवनशैली ने इस इच्छा को कमजोर कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गड़बड़ खानपान, नींद की कमी, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण शरीर में एजिंग की प्रक्रिया समय से पहले शुरू हो जाती है, इसे प्रीमैच्योर एजिंग कहा जाता है। इसके चलते 50 की उम्र से पहले ही शरीर पर बुढ़ापे के लक्षण दिखने लग जाते हैं। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में लगभग 40% युवा अपनी उम्र से पहले ही तनाव, अनियमित नींद और खराब भोजन के कारण झुर्रियां और कमजोरी जैसी बुढ़ापे की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाता है। इससे त्वचा ढीली होने लगती है और कम उम्र में ही बुढ़ापे के लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं।
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प्रीमैच्योर एजिंग और इसके कारण - फोटो : Adobe stock
समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आप भी समय से पहले होने वाले बुढ़ापे से बचना चाहते हैं तो इसके लिए आज से ही अपनी दिनचर्या और खानपान की आदतों में सुधार कर लीजिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव को कंट्रोल में रखने जैसे उपाय करके आप न सिर्फ लंबे समय तक स्वस्थ रूप से जी सकते हैं बल्कि इससे त्वचा की रंगत भी ठीक रहती है और आप जवां भी दिखते हैं।

आइए जानते हैं कि किन आदतों के कारण समय से पहले बुढ़ापा आने का खतरा रहता है जिससे सभी लोगों को बचाव करते रहना चाहिए?
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नींद की कमी के नुकसान - फोटो : Freepik.com
नींद की कमी हो सकती है खतरनाक

नींद हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है। हालांकि दौड़भाग वाली जिंदगी में लोगों की नींद बाधित होती जा रही है। अध्ययनों से पता चलता है कि हमारे शरीर को कम से कम 7-9 घंटे की गहरी नींद की जरूरत होती है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, नींद की कमी से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है। इस हार्मोन की अधिकता त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है जिससे चेहरे पर झुर्रियां जल्दी दिखने लगती हैं।

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खानपान में गड़बड़ी के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Adobe Stock
जंक फूड और ज्यादा चीनी खाने से बचें

60 की उम्र में भी त्वचा को स्वस्थ और जवां बनाए रखने के लिए खानपान को ठीक रखना भी बहुत जरूरी है। जिन चीजों को शरीर के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक पाया गया है उनमें जंक फूड और चीनी वाली चीजें प्रमुख हैं। हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट  में पाया गया है कि प्रोसेस्ड फूड्स और चीनी वाली चीजें शरीर की कोशिकाओं में ग्लाइकेशन प्रोसेस को बढ़ाते हैं। इससे त्वचा में रूखापन और जल्दी झुर्रियां आने लगती हैं। 
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सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के नुकसान - फोटो : Freepik.com
शारीरिक गतिविधि की कमी है नुकसानदायक

आधुनिक जीवनशैली में काम के दबाव के चलते ज्यादातर लोग पूरे दिन बैठे रहने पर मजबूर हैं। लंबे समय तक बैठे रहने की आदत कई बीमारियों का घर हो सकती है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से आप 30-15 रूल अपनाकर अपने जोखिमों को कम कर सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक गतिविधि की कमी से शरीर की मांसपेशियां ढीली होने लगती हैं साथ ही आपकी ऊर्जा भी कम हो जाती है। ये स्थितियां समय से पहले बुढ़ापे का एहसास करा सकती हैं।  रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक की आदत आपके लिए लाभकारी हो सकती है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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