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Health Tips: खानपान की ये गलती दिल और हड्डियां दोनों कर देती है कमजोर, मोटापे का भी हो जाएंगे शिकार

Sun, 23 Nov 2025 07:56 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि समय पर भोजन न करने से पाचन तंत्र असंतुलित होता है, ब्लड शुगर गड़बड़ाता है और शरीर की सर्कैडियन रिदम भी प्रभावित होती है।
  • अध्ययन में पाया गया कि नाश्ता नहीं करना, देर रात खाना, धूम्रपान, शराब पीना, कम व्यायाम करना, कम नींद लेना जैसी आदतें गठिया के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
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रात में देर से खाने के नुकसान - फोटो : Freepik.com
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दिनचर्या में सुधार के साथ खान-पान को ठीक रखना बहुत जरूरी माना जाता है। हमारी सेहत सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि हम क्या खाते हैं, बल्कि इसका भी बहुत असर होता है कि हम किस समय खाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, काम की दौड़भाग के कारण लोगों की देर रात तक जागने और रात में 11-12 बजे तक खाने की आदत हो गई है। इसका शरीर पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकता है।

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि समय पर भोजन न करने से पाचन तंत्र असंतुलित होता है, ब्लड शुगर गड़बड़ाता है और शरीर की सर्कैडियन रिदम भी प्रभावित होती है। अध्ययनों में पाया गया है कि रात 10 बजे के बाद भोजन करने से मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन बढ़ने, एसिडिटी और ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।

क्या आप जानते हैं कि देर से खाने की आपकी आदत हड्डियों और दिल को भी कमजोर करने वाली हो सकती है?
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समय पर भोजन की बनाएं आदत - फोटो : Freepik.com
देर से खाने की आदत है नुकसानदायक

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अगर आप भी अक्सर नाश्ता नहीं करते हैं या फिर रात में भी भोजन देर से करते हैं तो यह काफी हानिकारक हो सकता है। अध्ययन में सामने आया है कि जो लोग नाश्ता छोड़ते हैं और रात का खाना भी देर से खाते हैं, उनमें हड्डियों से जुड़ी बीमारी होने का खतरा ज्यादा होता है। ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी हड्डियों को कमजोर और पतली करती है। इसकी वजह से कूल्हे, हाथ, रीढ़ की हड्डी या कंधे की हड्डियां जल्दी टूट जाती हैं। 
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हड्डियों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
अध्ययन में क्या पता चला?

जापान में नारा मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए अध्ययन में 9.27 लाख वयस्कों का डाटा लिया गया। इसमें पुरुष 45.3% और महिलाएं 54.7% शामिल थीं। अध्ययन जर्नल ऑफ द एंडोक्राइन सोसाइटी में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में पाया गया कि नाश्ता नहीं करना, देर रात खाना, धूम्रपान, शराब पीना, कम व्यायाम करना, कम नींद लेना जैसी आदतें गठिया के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।

इसके अलावा देर रात भोजन करने से खाना ठीक से पच नहीं पाता और गैस, अपच, एसिड रिफ्लक्स और पेट फूलने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। 

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मोटापे का खतरा - फोटो : Adobe stock
वजन बढ़ने का रहता है खतरा

देर रात भोजन करने और मोटापे के बीच भी संबंध पाया गया है। जब आप रात में देर से भोजन करते हैं, तो शरीर को कैलोरी बर्न करने का समय नहीं मिलता। नतीजतन, अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगती है।

हार्वर्ड विशेषज्ञों की एक रिपोर्ट बताती है कि जो लोग देर रात खाते हैं, उनमें मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है और फैट स्टोरेज बढ़ जाता है। साथ ही, देर से खाने से लेप्टिन और घ्रेलिन जैसे भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे अगले दिन भी ज्यादा भूख लगती है।
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खान-पान की आदतों में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
देर से भोजन के इन दुष्प्रभावों को भी जानिए
  • देर से रात का भोजन करने से दिल की सेहत भी प्रभावित होती है। इससे ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। इससे धमनियों में सूजन और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। 
  • देर रात भोजन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल पर नकारात्मक असर पड़ता है। सोने से ठीक पहले खाना खाने के कारण शरीर इंसुलिन का प्रभावी तरीके से उपयोग नहीं कर पाता। इससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
  • देर से खाना खाने पर शरीर को पाचन में अधिक ऊर्जा लगानी पड़ती है, जिससे नींद पर भी असर पड़ता है। एसिडिटी, पेट में भारीपन और रिफ्लक्स जैसी समस्याएं नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाली हो सकती हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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