वजन बढ़ने से शरीर का सारा भार रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है, जो मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव डालकर जोड़ों में खिंचाव पैदा करता है। परिणाम स्वरूप कमर दर्द की शिकायत होने लगती है। महिलाओं में पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) यानि प्रजनन अंगों का संक्रमण होने से भी कमर में दर्द हो सकता है। महिलाओं की आहार शैली अनियमित होने से उन्हें कमर दर्द होना आम बात है। उनके खाने में जरूरी पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, विटामिन डी, आयरन आदि की कमी से शरीर में कमजोरी आ जाती है। वहीं, अनियमित मासिक धर्म की वजह से भी कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। कई बार अधिक खून बहने से कमर दर्द होती है। अगर लंबे समय तक ऐसा हो रहा है तो एक बार डॉक्टर को जरूर दिखा लें। विटामिन डी कमी से भी कमर दर्द की शिकायत हो सकती है।