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जानना जरूरी: पीरियड्स के दौरान हो जाते हैं रैशेज, कहीं यह ऑटोइम्यून प्रोजेस्टेरोन डर्मेटाइटिस तो नहीं?

Thu, 04 Aug 2022 04:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पीरियड्स के दौरान दाने और रैशेज की समस्या - फोटो : iStock
मासिक धर्म चक्र के दौरान शरीर में कई तरह के परिवर्तन महसूस होते रह सकते हैं। कुछ लोगों को इस स्थिति में पेट दर्द, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग जैसी दिक्कत होती है तो कुछ में हार्मोन असंतुलन के कारण गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। पीरियड्स के दौरान शरीर पर दाने निकलना या फिर रैशेज की दिक्कत होना इसी तरह की समस्या है। यदि आपको भी बार-बार इस तरह की समस्या होती रहती है तो इस बारे में किसी महिला रोग विशेषज्ञ से जरूर मिलें, कुछ स्थितियों में यह ऑटोइम्यून प्रोजेस्टेरोन डर्मेटाइटिस की समस्या का संकेत हो सकता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो शरीर पर दाने निकलना या रैशेज होना सामान्य है, यह कुछ प्रकार की एलर्जी के कारण हो सकता है। पर अगर आपको पीरियड्स के दौरान ही इस तरह की दिक्कत हो रही है और यह पीरियड्स खत्म होने के साथ ठीक हो जाती है, तो इस बारे में सावधानी रखने की आवश्यकता होती है। आइए जानते हैं कि इस तरह की समस्या के क्या कारण होते हैं?
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मासिक धर्म चक्र और हार्मोन असंतुलन - फोटो : Pixabay
प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में असंतुलन

महिलाओं के शरीर में कुछ विशेष हार्मोन्स होते हैं जो मासिक धर्म चक्र को व्यवस्थित रखने से लेकर गर्भधारण तक में मदद करते हैं। प्रोजेस्टेरोन ऐसा ही एक हार्मोन है, इसका मुख्य कार्य मासिक धर्म को रेगुलेट करना होता है। यह अंडाशय द्वारा रिलीज होने वाला हार्मोन है। अगर किसी कारणवश प्रोजेस्टेरोन के स्तर में असंतुलन हो जाता है तो इसके कारण मासिक धर्म में असंतुलन और रजोनिवृत्ति समय से पहले हो सकती है। सामान्य गर्भधारण में भी यह कई प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकती है।
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त्वचा पर दाने या रैशेज की समस्या - फोटो : pixabay
ऑटोइम्यून प्रोजेस्टेरोन डर्मेटाइटिस

कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग जैसी दिक्कतों के साथ दाने या रैशेज की समस्या भी हो सकती है। इसके लिए ऑटोइम्यून प्रोजेस्टेरोन डर्मेटाइटिस समस्या को कारक के तौर पर देखा जाता है। जिन लोगों को यह दिक्कत होती है उनमें मासिक धर्म से 3-4 दिन पहले दाने शुरू हो जाते हैं, यह वह समय होता है जब प्रोजेस्टेरोन का स्तर उच्च स्तर पर है। जैसे-जैसे इसका स्तर कम होता जाता है, मासिक धर्म की शुरुआत के कुछ दिनों के भीतर दाने ठीक हो जाते हैं। मासिक धर्म के ऐसे लक्षणों को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
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ऑटोइम्यून प्रोजेस्टेरोन डर्मेटाइटिस की समस्या - फोटो : iStock
क्यों होती है यह समस्या?

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ऑटोइम्यून प्रोजेस्टेरोन डर्मेटाइटिस की समस्या क्यों होती है पर शोधकर्ताओं का मानना है कि कुछ महिलाओं के शरीर इन हार्मोनों के प्रति अधिक सक्रिय हो जाते हैं, जिससे एक ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया होती है। यह भी हो सकता है कि कुछ महिलाओं में हार्मोन का स्तर बढ़ने से अन्य एलर्जेंस के प्रति प्रतिक्रिया बढ़ जाती है, जिसके कारण इस तरह के लक्षण हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपको भी इस तरह की समस्याओं का अनुभव होता है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से जरूर सलाह ले लें, जिससे किसी गंभीर दिक्कत से समय रहत बचाव किया जा सके। 


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स्रोत और संदर्भ
Autoimmune progesterone dermatitis

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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