आपने भी अपने आसपास के लोगों को कम उम्र में ही हड्डियों के दर्द की समस्या से परेशान देखा होगा। हड्डियों की कमजोरी, हड्डियों-जोड़ों में दर्द या गठिया की दिक्कत अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। खराब दिनचर्या, असंतुलित खानपान और लंबे समय तक बैठे रहने वाली आदतों के कारण कम उम्र के लोग और बच्चों में भी ये समस्या देखी जा रही है। कई मामलों में 15-20 वर्ष तक के युवा भी रूमेटाइड आर्थराइटिस और जुवेनाइल आर्थराइटिस जैसी समस्याओं के साथ अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
आर्थराइटिस या गठिया के कारण जोड़ों में सूजन, दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में कठिनाई होती है। आधुनिक जीवनशैली ने इस खतरे को और भी बढ़ा दिया है। गठिया के कुछ मामले ऑटोइम्यून यानी कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता की समस्याओं के कारण भी देखे जाते रहे है।
डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों को अपनी दिनचर्या में सुधार करना चाहिए ताकि हड्डियों की इस समस्या से बचा जा सके। इसके अलावा जिनको पहले से ही गठिया की दिक्कत है उन्हें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे आपकी जटिलताएं बढ़ने न पाएं।