फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Alert: बुजुर्ग ही नहीं बच्चे भी हो सकते हैं आर्थराइटिस का शिकार, घुटनों की समस्या अंधेपन का भी बन सकती है कारण

Sat, 07 Dec 2024 01:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक आंकड़े के अनुसार दुनियाभर में लगभग 3 मिलियन (30 लाख) बच्चों और वयस्कों को आर्थराइटिस की दिक्कत हो सकती है। इसके कारण आपको जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन और अकड़न महसूस हो सकती है। कहीं आपके बच्चे को भी तो ऐसी परेशानी नहीं है?
विज्ञापन
1 of 5
बच्चों में आर्थराइटिस की समस्या - फोटो : Freepik.com
आर्थराइटिस को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर जाना जाता है। हालांकि लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी के कारण अब 40 से कम उम्र के लोगों में भी जोड़ों और हड्डियों में दर्द और इसके कारण होने वाली दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। पर क्या आपको पता है कि सिर्फ वयस्क और बुजुर्ग ही नहीं, छोटे बच्चे भी इस समस्या का शिकार हो सकते हैं? 16 साल से कम आयु के बच्चों में ये दिक्कत बढ़ती देखी जा रही है।

बच्चों में होने वाली गठिया की समस्या को जुवेनाइल इडियोपैथिक अर्थराइटिस (जेआईए) कहा जाता है। एक आंकड़े के अनुसार दुनियाभर में लगभग 3 मिलियन (30 लाख) बच्चों और वयस्कों को ये दिक्कत हो सकती है। इसमें जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन और जकड़न बनी रहती है। कुछ बच्चों में ये लक्षण केवल कुछ महीनों तक ही दिखाई देते हैं, जबकि कई मामलों में ये समस्या लंबे समय तक भी बनी रह सकती है।

तो अगर अब तक आप ये मानते आ रहे थे कि गठिया की समस्या सिर्फ उम्र बढ़ने के साथ ही होती है तो अब आपको सावधान हो जाने की जरूरत है।
विज्ञापन

2 of 5
बच्चों को आर्थराइटिस - फोटो : Freepik.com
बच्चों में गठिया की समस्या

बच्चों में होने वाली गठिया की समस्या सर्दी के मौसम में अधिक प्रभावित करती है। हालांकि, सही निवारक उपायों और शुरुआती उपचार मिल जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आपके बच्चे को भी अक्सर जोड़ों में दर्द, जकड़न या चलने में दिक्कत महसूस होती रहती है तो इसे बिल्कुल अनदेखा न करें। 
विज्ञापन

3 of 5
बच्चों में आर्थराइटिस के लक्षण - फोटो : Freepik.com
कैसे जानें कि आपके बच्चे को भी ये दिक्कत?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि हो सकता है कि आपका बच्चा जोड़ों के दर्द को समझ न पाए या फिर इस बारे में सही से बता न पाए, लेकिन चलते वक्त अगर वह लंगड़ाता है, खासतौर पर सुबह उठने के बाद तो ये संकेत ठीक नहीं है। इसके अलावा जोड़ों में सूजन होना भी इस समस्या का आम लक्षण है।

जेआईए की समस्या एक या दोनों जोड़ों को प्रभावित कर सकती है। दुनियाभर में किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि बच्चों में गठिया की दिक्कत लड़कियों में अधिक आम हैं।

4 of 5
आर्थराइटिस होने का कारण - फोटो : Freepik.com
जुवेनाइल इडियोपैथिक अर्थराइटिस की समस्या क्यों होती है?

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि बच्चों में गठिया की समस्या तब होती है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही कोशिकाओं और ऊतकों पर अटैक कर देती है, यानी कि ये एक ऑटोइम्यून डिजीज है। यह ज्ञात नहीं है कि ऐसा क्यों होता है, लेकिन आनुवंशिकता और पर्यावरण कारक इसमें भूमिका निभा सकते हैं।

बच्चों में गठिया के कारण कई गंभीर जटिलताएं भी हो सकती हैं। कुछ स्थितियों में ये आंखों में भी सूजन पैदा कर सकती है। अगर इस स्थिति का इलाज न किया जाए, तो इससे मोतियाबिंद, ग्लूकोमा यहां तक कि अंधापन भी हो सकता है। इसके अलावा गठिया की समस्या हड्डियों के विकास में भी बाधा डाल सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
नियमित व्यायाम सबसे जरूरी - फोटो : Freepik.com
बच्चे को गठिया हो जाए तो क्या करें?

अगर आप बच्चे में गठिया के लक्षण महसूस करते हैं तो समय रहते डॉक्टर से मिलकर इसका निदान करा लें। डॉक्टर दर्द और सूजन को दूर करने, घुटनों की गति और शक्ति बनाए रखने और जटिलताओं को रोकने के लिए दवाओं और थेरेपी की सलाह दे सकते हैं। गंभीर स्थितियों में सर्जरी की भी आवश्यकता हो सकती है। अगर समय पर इलाज हो जाता है तो इससे भविष्य में होने वाली दिक्कतों को कम किया जा सकता है।

ऐसे बच्चों के लिए नियमित व्यायाम बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मांसपेशियों की ताकत और जोड़ों के लचीलेपन को बढ़ाने में मदद करती है। तैराकी एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि इससे जोड़ों पर कम से कम दबाव पड़ता है।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें