दुनियाभार में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चर्चा का दौर जारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना से बचाव के लिए शरीर में बनीं एंटीबॉडीज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। शरीर में एंटीबॉडीज का निर्माण मुख्यरूप से दो तरह से होता है, पहला- संक्रमण के बाद स्वाभाविक रूप से निर्मित एंटीबॉडीज और दूसरी वैक्सीन से बनी एंटीबॉडीज। हालांकि यह एंटीबॉडीज कितने समय तक शरीर को संक्रमण से सुरक्षित रखने में सहायक हो सकती हैं? यह अब भी लोगों के लिए बड़ा सवाल बना हुआ है। इसी से संबंधित हाल ही में हुए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बड़ा दावा किया है।
स्वास्थ्य कर्मियों के एक समूह पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार संक्रमण के सात महीने बाद तक शरीर में एंटीबॉडीज स्थिर रहती हैं, कुछ लोगों में इनका स्तर बढ़ता भी है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह भी बताया है कि शरीर में कॉमन कोल्ड कोरोनावायरस के खिलाफ पहले से मौजूद एंटीबॉडीज भी कोविड-19 से सुरक्षा दे सकती हैं। बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस अध्ययन की रिपोर्ट को 'नेचर कम्युनिकेशंस' जर्नल में प्रकाशित किया गया है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।