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Alert: इस बढ़ते खतरे को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया सावधान, सलाह- दवाओं को लेकर बिल्कुल न करें ये गलती

Thu, 22 Feb 2024 03:50 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दवाओं को दुरुपयोग को लेकर अलर्ट - फोटो : iStock
वैश्विक स्तर पर जिन स्वास्थ्य जोखिमों को तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, एंटीबोयोटिक प्रतिरोध यानी कि एंटीबोयोटिक रेजिस्टेंस उनमें से एक है। कई अध्ययनों में लगातार इस बात को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है कि अगर समय रहते एंटीबायोटिक्स के उपयोग को लेकर सावधानी न बरती गई तो भविष्य में इसके कारण बीमारियों के गंभीर रूप लेने का खतरा काफी बढ़ सकता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की बढ़ती समस्या को लेकर लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक पोस्ट के माध्यम से कहा,  एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करें, क्योंकि एंटीबायोटिक दवाओं के अनुचित सेवन से इसके प्रतिरोध को गति मिल सकती है। ये स्थिति भविष्य के लिए गंभीर समस्याकारक हो सकती है। 
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एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा - फोटो : istock
पहले जानिए क्या होता है एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस?

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस तब होता है जब बैक्टीरिया या कवक जैसे रोगाणुओं को मारने के लिए बनाई गई दवाओं के प्रति ये रोगाणु बचाव की क्षमता विकसित कर लेते हैं।

एंटीबायोटिक दवाएं मुख्यरूप से संक्रमण की स्थिति में रोगजनकों को खत्म करने के लिए दी जाती हैं, पर एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की स्थिति में ये दवाएं काम करना ही बंद कर देती हैं। इस स्थिति में दवा लेने पर भी रोगाणु मरते नहीं बल्कि और बढ़ते रहते हैं। प्रतिरोधी संक्रमणों का इलाज करना कठिन और असंभव भी हो सकता है। वैश्विक स्तर पर पिछले कुछ वर्षों में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा तेजी से बढ़ता देखा गया है।


पढ़ें- वैज्ञानिकों की चेतावनी- 'हमें दवाओं की सख्त जरूरत होगी पर उनका असर नहीं होगा'
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एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल - फोटो : Pixabay
एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस को लेकर मंत्रालय ने किया सावधान

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, एंटीबायोटिक प्रतिरोध खतरनाक हो सकता है, सभी लोगों को इसके कारण होने वाले जोखिमों से सावधानी बरतते रहना चाहिए।
  • एंटीबायोटिक प्रतिरोध जीवन के किसी भी चरण में किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है।
  • एंटीबायोटिक प्रतिरोध पशु चिकित्सा, मत्स्य पालन और कृषि क्षेत्रों को भी प्रभावित करता देखा जा रहा है।
  • यदि प्रभावी तरीके से एंटीबायोटिक्स काम नहीं करेंगी तो कई प्रकार की गंभीर संक्रामक बीमारियों का उपचार करना कठिन हो सकता है।
 

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बढ़ सकता है संक्रामक रोगों का खतरा - फोटो : iStock
बढ़ रहा है एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का जोखिम

सेंटर फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के विशेषज्ञ भी कहते हैं, वैश्विक स्तर पर एंटीमाइक्रोबियल्स के अत्यधिक और अनुचित उपयोग के कारण प्रतिरोध पैदा हो गया है। सीडीसी का अनुमान है कि क्लीनिकों और आपातकालीन विभागों में जितने लोगों को एंटीबायोटिक्स दिए जाते हैं उनमें से 28 फीसदी की इसकी आवश्यकता नहीं होती है। अनावश्यक तौर पर एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन के कारण खतरा हो सकता है।

अगर किसी व्यक्ति में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस हो जाता है और उसे हल्के स्तर का भी संक्रमण होता है तो इसके गंभीर रूप लेने का जोखिम हो सकता है।
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दवाओं के उचित इस्तेमाल की सलाह - फोटो : Istock
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

अमर उजाला से बातचीत में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस गति से ये स्वास्थ्य जोखिम बढ़ता जा रहा है हमें इसपर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। कुछ सामान्य सी बातों का पालन करके आप अपने जोखिमों को कम कर सकते हैं। हमेशा किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें। बिना प्रिस्क्रिप्शन ओवर-द-काउंटर, इंटरनेट-यूट्यूब से देखकर न तो खुद डॉक्टर बनें, न ही खुद से दवा लेना शुरू करें। दवाएं जितने फायदे के लिए बनी हैं, दुरुपयोग की स्थिति में इससे कहीं ज्यादा नुकसानदायक भी हो सकती हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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