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Kerala: केरल में बढ़ता जा रहा है घातक 'ब्रेन ईटिंग अमीबा' रोग, एक और महिला हुई शिकार; जानिए क्या है ये बीमारी

Thu, 28 Aug 2025 09:02 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले में अमीबिक इंसेफेलाइटिस का एक और नया मामला सामने आया है। यहां एक महिला को मस्तिष्क के इस दुर्लभ संक्रमण का शिकार पाया गया है।
  • इससे पहले 16 अगस्त को कोझिकोड जिले में ही संक्रमण के कारण नौ साल की एक बच्ची की मौत हो गई थी।
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केरल में अमीबिक इंसेफेलाइटिस रोग के मामले - फोटो : freepik.com
Brain Eating Amoeba Kerala: केरल इन दिनों एक गंभीर संक्रामक रोग की चपेट में है। यहां अमीबिक इंसेफेलाइटिस रोग के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। अधिकारियों ने गुरुवार (28 अगस्त) को जानकारी दी है कि उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले में एक और नया मामला सामने आया है। यहां एक महिला को मस्तिष्क के इस दुर्लभ संक्रमण का शिकार पाया गया है। इससे पहले  शनिवार (16 अगस्त) को कोझिकोड जिले में ही अमीबिक इंसेफेलाइटिस संक्रमण के कारण नौ साल की एक बच्ची की मौत हो गई थी

जिले के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 43 वर्षीय महिला में कुछ लक्षण नजर आ रहे थे जिसके बाद सैंपल टेस्टिंग में उसे अमीबिक इंसेफेलाइटिस से संक्रमित पाया गया है। इसके साथ ही कोझीकोड मेडिकल कॉलेज में संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की कुल संख्या बढ़कर अब 10 हो गई है। मरीजों में 4 बच्चे भी शामिल हैं। इनमें से दो बच्चे, उस नौ साल की बच्ची के रिश्तेदार हैं, जिसकी 16 अगस्त को मृत्यु हो गई थी। 

उत्तरी केरल के कई हिस्सों में बढ़ते इस खतरनाक रोग को लेकर अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया है। स्थानीय लोगों को बचाव के तरीकों का गंभीरता से पालन करते रहने की सलाह दी गई है।
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फ्री-लिबिंग अमीबा का खतरा - फोटो : Freepik.com
उत्तरी केरल के कई हिस्सों में बढ़ता संक्रमण

गुरुवार को साझा की गई जानकारियों के मुताबिक ज्यादातर मरीज कोझीकोड, वायनाड और मलप्पुरम जिलों के हैं। फ्री-लिबिंग अमीबा के कारण होने वाला अमीबिक इंसेफेलाइटिस एक घातक संक्रमण है, जिसका मृत्युदर काफी अधिक देखा जाता रहा है। गौरतलब है कि  केरल में पहले भी इस संक्रमण मामले देखे जाते रहे हैं। इसे 'ब्रेन ईटिंग अमीबा' भी कहा जाता है।  पिछले साल भी केरल के कई जिलों में इस संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए गए थे।
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अमीबिक इंसेफेलाइटिस को लेकर अलर्ट - फोटो : Freepik.com
क्या है अमीबिक इंसेफेलाइटिस संक्रमण?

अमीबिक इंसेफेलाइटिस मस्तिष्क का एक दुर्लभ और घातक संक्रमण है। ये नेगलेरिया फाउलेरी नामक अमीबा के संक्रमण के कारण होने वाली बीमारी है। यह संक्रमण मस्तिष्क के ऊतकों को नष्ट करने लगता है जिससे ज्यादातर मामलों में मस्तिष्क में गंभीर सूजन और मृत्यु हो जाती है।

पानी में गोते लगाने वाले लोगों में इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है, संक्रमण की आशंका तब अधिक हो सकती है जब दूषित पानी नाक में प्रवेश कर जाता है।
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मस्तिष्क को प्रभावित करता है अमीबिक इंसेफेलाइटिस रोग - फोटो : Freepik.com
संक्रमितों को हो सकती हैं मस्तिष्क की गंभीर समस्याएं

'ब्रेन ईटिंग अमीबा' जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि ये मस्तिष्क को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। संक्रमितों में शुरुआती लक्षण आमतौर पर फ्लू की तरह होते हैं जिसमें सिरदर्द, बुखार, मतली और उल्टी की दिक्कत हो सकती है। गंभीर स्थिति में गर्दन में अकड़न, भ्रम, दौरे पड़ने, कोमा जैसी मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके लक्षण तेजी से विकसित हो सकते हैं और पांच से 18 दिनों के भीतर संक्रमण घातक हो सकता है।

मस्तिष्क की सूजन के कारण दौरे पड़ सकते हैं। कुछ संक्रमितों में हेलुसिनेशन और शरीर का संतुलन बनाने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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