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Heart Health: हृदय रोगों से कैसे करें बचाव? ये शाकाहारी चीजें रखेंगी दिल को फिट और हेल्दी

Thu, 28 Aug 2025 09:02 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • आहार का सीधा संबंध हृदय स्वास्थ्य से है। ज्यादा तैलीय, मसालेदार, प्रोसेस्ड और जंक फूड न केवल मोटापा बढ़ाते हैं बल्कि ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी असंतुलित कर देते हैं।
  • वहीं अगर हम संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं, खासकर शाकाहारी आहार तो दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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हार्ट हेल्थ को कैसे ठीक रखें? - फोटो : Freepik.com
Heart Health: आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में हृदय रोगों के बढ़ते मामले गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। बदलती जीवनशैली, तनाव, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण दिल की बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर साल लाखों लोग हृदय रोगों से प्रभावित होते हैं और इनमें से बड़ी संख्या असमय मौत का शिकार हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि हम समय रहते अपने दिल का ख्याल रखें और अपने आहार में ऐसे बदलाव करें जो लंबे समय तक हमें स्वस्थ बनाए रखें।

शोध बताते हैं कि आहार का सीधा संबंध हृदय स्वास्थ्य से है। ज्यादा तैलीय, मसालेदार, प्रोसेस्ड और जंक फूड न केवल मोटापा बढ़ाते हैं बल्कि ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी असंतुलित कर देते हैं। यही असंतुलन धीरे-धीरे दिल की बीमारियों का कारण बनता है। 

वहीं अगर हम संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं, खासकर शाकाहारी आहार तो दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com
प्लांट बेस्ड डाइट हृदय के लिए लाभकारी

कई शोध बताते हैं कि हरी सब्जियां, दालें, अनाज, फल और मेवे हृदय स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छे हैं। इनमें मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स धमनियों को साफ रखते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं।

अध्ययनों से ये भी पता चलता है कि प्लांट बेस्ड डाइट ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जिससे दिल पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। इसलिए अगर आप अपने दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आहार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

आइए जानते हैं कि शाकाहारी लोगों के लिए किन चीजों का सेवन लाभकारी माना जाता है?
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ड्राई फ्रूट्स का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
नट्स और सीड्स

बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, कद्दू और अलसी के बीज स्वस्थ वसा, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर का अच्छा स्रोत माने जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि रोजाना अखरोट खाना से हृदय स्वास्थ्य की समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है।

नट्स और सीड्स हृदय रोगों के प्रमुख कारक ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को कंट्रोल रखने में फायदेमंद है।

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ग्रीन-टी पीने के लाभ - फोटो : Freepik.com
ग्रीन-टी का करिए सेवन

शोधकर्ताओं ने हृदय की सेहत को ठीक रखने के लिए ग्रीन-टी पीने को भी बहुत लाभकारी माना है। ग्रीन-टी में कैटेचिन्स एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और हृदय स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि नियमित रूप से दो-तीन कप ग्रीन टी पीने वालों में  ब्लड प्रेशर और हृदय को क्षति पहुंचाने वाली अन्य समस्याओं का जोखिम कम होता है। 

एवोकाडो जैसे फलों के लाभ

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए एवोकाडो को सबसे लाभकारी फलों में से एक माना जाता है। एवोकाडो मोनोअनसैचुरेटेड फैट का अच्छा स्रोत है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देने में फायदेमंद है।

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि हफ्ते में दो बार एवोकाडो का सेवन करने वालों में कार्डियोवस्कुलर रोगों का जोखिम 21 फीसदी तक कम हो सकता है।
 
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हरी सब्जियां फाइबर से भरपूर - फोटो : freepik.com
फाइबर युक्त सब्जियां और साग

पालक, केल, और ब्रोकली जैसी पत्तेदार सब्जियां फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-के से भरपूर होती हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने और धमनियों को कठोर होने से बचाती है। इसी तरह एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोगों से बचाने में आपके लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। हरी सब्जियों से इसकी आसानी से प्राप्ति हो सकती है। 


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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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