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CoronaVirus Query: क्या सर्दी आते ही बढ़ जाएगा कोरोना संक्रमण, मरीज के संपर्क में आने पर क्या करें? विशेषज्ञ से जानें

Wed, 26 Aug 2020 03:59 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यहां जानें कोरोना वायरस से जुड़े सवालों के जवाब - फोटो : Amar Ujala
देश और दुनिया में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच राहत की बात यह है कि इसके इलाज के लिए अब कई तरह की दवाएं उपलब्ध हो गई हैं। वहीं दूसरी ओर इसकी वैक्सीन को लेकर भी वैज्ञानिकों को लगातार सफलताएं मिल रही हैं। कोरोना की शुरुआत सर्दियों के मौसम से हुई थी और अब भारत में भी एक-दो महीनों में सर्दी शुरू हो जाएगी। ...तो क्या सर्दियों में वायरस का संक्रमण बढ़ जाएगा? हांगकांग में एक व्यक्ति के दोबारा संक्रमित होने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि शरीर में बनीं एंटीबॉडी क्या खत्म हो जाती हैं? दरअसल, कोरोना संकट के इस दौर में लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं, जिसके जवाब लोग जानना चाहते हैं। आकाशवाणी के एक साक्षात्कार कार्यक्रम में राजधानी दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के डॉ. एके वार्ष्णेय ने ऐसे ही सवालों के जवाब दिए हैं।
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Coronavirus Query - फोटो : Twitter@AIR
क्या सर्दी के मौसम में कोरोना का संक्रमण ज्यादा हो जाएगा? 
  • कोरोना वायरस लगातार 1 घंटे तक 60 डिग्री सेल्सियस पर रहने पर ही मरता है और कहीं पर भी इतना तापमान नहीं होता। मौसम के प्रभाव की बात करें तो सर्दी या गर्मी का वायरस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। ऐसे में खुद को सुरक्षित रखना ही उपाय है, चाहे कोई भी मौसम हो। जब तक व्यक्ति नहीं आ जाती तब तक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, साफ-सफाई रखें और मास्क का इस्तेमाल करें।
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Coronavirus Query - फोटो : Twitter@AIR
क्या कोरोना मरीज के संपर्क में आने के बाद कोई दवा लेनी चाहिए? 
  • अगर कोरोना वायरस संक्रमित के संपर्क में आए हैं और खुद को क्वारंटीन कर लिया है तो बहुत अच्छा है। अगर संक्रमण होगा तो चार-पांच दिन या फिर 10 दिन के अंदर लक्षण दिखाई दे जाएंगे। इस दौरान खुद का निरीक्षण करते रहें। बुखार, खांसी, शरीर में दर्द, थकान वगैरह हो रही है तो कोरोना हो सकता है। ऐसे में खुद की जांच कराएं और फिर डॉक्टर के निर्देशानुसार दवा लें। अब तो जो लोग पॉजिटिव होते हैं, उन्हें भी घर पर होम आइसोलेशन के लिए कहा जा रहा है और दवाओं के जरिए वह ठीक भी हो जाते हैं।

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Coronavirus Query - फोटो : Twitter@AIR
कोरोना के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी कब तक रहती है? 
  • किसी भी वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर में एंटीबॉडी बनती है। अलग-अलग बीमारी में समय अलग-अलग होता है। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने में सक्षम एंटीबॉडी तीन चार महीने बाद कम होने लगती हैं। हालांकि किसी को दोबारा संक्रमण होने का भारत में कोई मामला अभी तक नहीं आया है।
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Coronavirus Query - फोटो : Twitter@AIR
हांगकांग के एक व्यक्ति को दोबारा कोरोना हुआ है, क्या यह सच है? 
  • जी हां, हांगकांग के एक व्यक्ति को अप्रैल में कोरोना वायरस हुआ था, लेकिन अगस्त में वह फिर से संक्रमित हो गया। इस बार बार वायरस का अलग स्ट्रेन पाया गया। कई बार ऐसा होता है कि वायरस अपना रूप बदलकर आता है। ऐसे में पहले वाली एंटीबॉडी काम नहीं करती। दरअसल कोरोना की जांच नाक और मुंह से की जाती है। कई बार वायरस का प्रभाव फेफड़े में रह जाता है। ऐसे में बाद में असर कर सकता है।
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Coronavirus Reinfection - फोटो : iStock
  • डब्ल्यूएचओ का कहना है कि पूरे विश्व में यह पहला मामला है इसलिए अभी से लेकर बहुत ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है।
हांगकांग में दोबारा संक्रमण के मामले की पूरी जानकारी आप नीचे दी गई खबर की लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं। 

यह भी पढ़ें: दोबारा कोरोना संक्रमण का मामला, साढ़े चार महीने में खत्म हो गई इम्यूनिटी    

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