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होली में कहीं आप भी न हो जाएं अल्कोहल पॉइजनिंग के शिकार, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Mon, 29 Mar 2021 02:11 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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डेमो - फोटो : डेमो
होली के उत्साह में कहीं आपकी छोटी सी लापरवाही रंग में भंग न डाल दे? थोड़े समय में बहुत अधिक शराब का सेवन कर लेना आपको अल्कोहल पॉइजनिंग का शिकार बना सकता है। यह एक गंभीर समस्या है जिसमें व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत, दिल की धड़कन तेज हो जाने, शरीर ठंडा पड़ जाने, बेहोशी और ज्यादा गंभीर स्थिति में कोमा का शिकार भी होना पड़ सकता है। इसलिए होली के दौरान आपको इस बारे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञ वैसे तो शराब का सेवन न करने की सलाह देते हैं लेकिन फिर भी यदि आप पी रहे हैं तो इसकी मात्रा का ध्यान अवश्य रखें। अल्कोहल पॉइजनिंग जैसी गंभीर समस्या मुश्किलें पैदा कर सकती है।
आइए जानते हैं इस गंभीर स्थिति की पहचान कैसे की जाती है, साथ ही किन उपायों को प्रयोग में लाकर इससे बचा जा सकता है?
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rare condition cyclic vomiting syndrome - फोटो : social media
किन लक्षणों से की जा सकती है इसकी पहचान?
अल्कोहल पॉइजनिंग के शिकार लोगों को आमतौर पर बेहोशी और भ्रम की स्थिति हो जाती है। कम समय में बहुत अधिक शराब पी लेने के कारण सांस का असामान्य रूप से चलना,  शरीर के तापमान में गिरावट, बहुत ज्यादा उल्टी होने, शरीर के ठंडा पड़ जाने और शरीर पर नियंत्रण न होने जैसी दिक्कत को अल्कोहल पॉइजनिंग का लक्षण माना जा सकता है। इसके अलावा शराब की मात्रा ज्यादा हो जाने के कारण बहुत ज्यादा उल्टी हो जाती है इसलिए गंभीर निर्जलीकरण भी हो सकता है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
शुरुआती तौर पर क्या करें
अल्कोहल पॉइजनिंग एक गंभीर स्थिती है, इसमें व्यक्ति को त्वरित उपचार की जरूरत होती है। यदि किसी व्यक्ति में आपको अल्कोहल पॉइजनिंग के लक्षण नजर आ रहे हों तो रोगी को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश करें। शुरुआती तौर रोगी को जागृत रखने की कोशिश करें और उसे बैठाकर रखें। शरीर से निर्जलीकरण की समस्या को दूर करने के लिए पानी और फलों का जूस पिलाते रहें। ध्यान रखें इस स्थिति में उसे कैफीन युक्त पेय न दें, इससे हालत और खराब हो सकती है।
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woman in coma - फोटो : Social Media
कितनी गंभीर है अल्कोहल पॉइजनिंग की समस्या
वैसे तो अगर रोगी को प्रारंभिक इलाज मिल जाए तो इसके प्रभावों को कम किया जा सकता है। समय पर इस स्थिति पर ध्यान न देने से इसका असर रोगी के दिमाग पर भी दो सकता है, रोगी कोमा में भी जा सकता है। सांस लेने में आ रही गंभीर दिक्कतों और शरीर में अल्कोहल की मात्रा बहुत अधिक हो जाने के कारण लोगों की जान भी जा सकती है। इसलिए ध्यान रहे लक्षणों की पहचान करके रोगी को त्वरित इलाज उपलब्ध कराने की कोशिश करें। 
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