बढ़ता प्रदूषण और इसके खतरे
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शरीर के हर अंग पर प्रदूषण का होता है असर
वायु प्रदूषण का मतलब है हवा में हानिकारक गैसों, धूल के कण (PM2.5, PM10), धुआं, औद्योगिक रसायन और वाहन से निकलने वाला धुआं का मिल जाना। ये प्रदूषक हमारी सांसों के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, हर साल करीब 70 लाख लोगों की समय से पहले मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है। सबसे खतरनाक तत्व PM2.5 है, जो बाल की मोटाई से भी 30 गुना छोटा होता है।
यह हमारे फेफड़ों में गहराई तक जाकर खून तक पहुंच सकता है और धीरे-धीरे शरीर के हर अंग को प्रभावित करता है। इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसका असर तुरंत नहीं दिखता, बल्कि धीरे-धीरे बीमारियां पैदा करता है।