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Air Pollution: दूषित हवा कहीं कमजोर न कर दे आपकी याददाश्त? खो सकते हैं शरीर पर अपना नियंत्रण

Sun, 05 Nov 2023 03:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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याददाश्त की समस्या - फोटो : iStock
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। फेफड़ों से लेकर हृदय और मानसिक स्वास्थ्य पर भी दूषित हवा के दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पिछले एक हफ्ते से 400-500 के बीच बना हुआ है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि लंबे समय तक इस तरह के वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना आपके मस्तिष्क की क्षमता को प्रभावित करने वाली हो सकती है, यहां तक कि ये आपकी याददाश्त को भी कम करने वाला एक संभावित कारक है।

वायु प्रदूषण किस प्रकार से हमारी सेहत को प्रभावित करता है, इसको समझने के लिए किए गए अध्ययन में पाया गया है कि वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसे रोग होने का जोखिम 56 प्रतिशत अधिक हो सकता है। अल्जाइमर, उम्र के साथ याददाश्त कम करने वाली स्वास्थ्य समस्या है।
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मेमोरी लॉस की समस्या - फोटो : Pixabay
अल्जाइमर और डिमेंशिया रोग का खतरा

हार्वर्ड टी.एच. के एक मेटा-विश्लेषण अध्ययन के अनुसार सूक्ष्म कणीय वायु प्रदूषकों (पीएम2.5) के संपर्क में आने से अल्जाइमर और डिमेंशिया रोग विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। पीएम2.5 के कारण न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ने का भी खतरा रहता है, इसलिए जरूरी है कि आप प्रदूषण से बचाव करें। अध्ययन से पता चलता है कि डिमेंशिया रोग में याददाश्त काफी कम होने लगता है, वायु प्रदूषण इसके प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है। 
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पार्किंसंस रोग के लक्षण - फोटो : iStock
पार्किंसंस रोग के हो सकते हैं शिकार

एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि वायु प्रदूषण के कारण पार्किंसंस रोग होने का भी खतरा हो सकता है। पार्किंसंस रोग मस्तिष्क का ऐसा विकार है जिसमें आपके शरीर में कई अनपेक्षित या अनियंत्रित गतिविधियां जैसे कंपकंपी, संतुलन और समन्वय में कमी जैसी दिक्कतें हो सकते हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, लोगों को चलने और बात करने में भी कठिनाई हो सकती है। वायु प्रदूषण का संपर्क इस रोग के जोखिम को भी बढ़ाने वाला पाया गया है। 
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वायु प्रदूषण के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Pixabay
दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण का स्तर खतरनाक

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में पिछले एक सप्ताह से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। हवा में बढ़ते रसायनों के लंबे समय तक संपर्क में आना उतना ही हानिकारक माना जाता है जितना 20-25 सिगरेट पीना। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए जरूरी है कि प्रदूषण से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। इस मौसम में आहार और हाइड्रेशन का ध्यान रखना भी बहुत महत्वपूर्ण है।


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स्रोत और संदर्भ
Air pollution linked to dementia cases


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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