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आज का हेल्थ टिप्स: ऐसी आदतें बन सकती हैं एसिड रिफ्लक्स और हार्टबर्न का कारण, तुरंत बना लें दूरी

Sat, 25 Dec 2021 11:38 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पेट संबंधी समस्याएं - फोटो : Pixabay
क्या भोजन के बाद अक्सर आपके सीने में जलन या पेट में तकलीफ होती है? तो यह एसिडिटी का संकेत हो सकता है। डॉक्टर बताते हैं, पाचन संबंधी समस्याओं के कारण लोगों को इस तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। भोजन का सही तरीके से पाचन न हो पाने के कारण एसिडीटी और सीने में जलन की समस्या होना सामान्य है, पर आखिर वह कौन से कारण है जो आपमें पाचन संबंधी समस्याओं को जन्म देते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आहार में गड़बड़ी के कारण लोगों को एसिडिटी और पाचन से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। कुछ लोगों को इसके कारण अक्सर एसिड रिफ्लक्स की भी समस्या बनी रह सकती है। इसके लिए जीवनशैली की कुछ आदतों को भी जिम्मेदार माना जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसी आदतों के बारे में जानते हैं, जो एसिड रिफलक्स और एसिडिटी की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इनसे दूरी बनाकर आप अपने स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।
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अस्वस्थ खान-पान से करें बचाव - फोटो : iStock
अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतों से सावधान रहें
आपके खाने की गलत आदतें एसिड रिफलक्स का कारण बन सकती हैं। इस समस्या से बचे रहने के लिए स्वस्थ आहार का सेवन करें।  भोजन के तुरंत बाद सोने से बचें और खाने के बाद किसी भी जोरदार मेहनत वाली गतिविधियों को न करें। भोजन को धीरे-धीरे और चबा-चबाकर खाएं। यदि आप बार-बार एसिड रिफ्लक्स की समस्या को अनुभव करते हैं तो ज्यादा मसाले, तले हुए खाद्य पदार्थ और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से परहेज करना बेहतर माना जाता है।
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पेय पदार्थों का सही से करें चयन - फोटो : Pixabay
पेय पदार्थों को लेकर भी बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक खाने के साथ-साथ पीने की आदतें भी पाचन संबंधी दिक्कतों और एसिड रिफलक्स का कारण बन सकती हैं। मादक पेय पदार्थों जैसे शराब आदि के अत्यधिक सेवन से भी एसिड रिफ्लक्स का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, कॉफी के अधिक सेवन से भी बचना चाहिए यह भी एसिड रिफ्लक्स को ट्रिगर कर सकती है।
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धूम्रपान से करें बचाव - फोटो : Pixabay
धूम्रपान करने वालों में भी बढ़ सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक धूम्रपान सिर्फ कैंसर ही नहीं, हार्टबर्न जैसी समस्याओं का भी कारण बन सकता है। इसमें पाया जाने वाला निकोटीन लोअर एसोफैगल स्फिंक्टर को शांत कर दे सकता है जिससे एसिड रिफ्लक्स हो सकता है। धूम्रपान करने की आदत को स्वास्थ्य विशेषज्ञ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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