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Coronavirus Vaccine: भारत में तैयार हो रही हैं कम दाम वाली 8 कोरोना वैक्सीन, तीन के लिए मांगा है इमरजेंसी अप्रूवल

Sat, 12 Dec 2020 02:21 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आने वाले समय में विश्व के सामने 210 वैक्सीन बनकर तैयार होंगी - फोटो : iStock

दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन को लेकर धुआंधार तरीके से काम चल रहा है। हर देश आए दिन अपने नए प्रयोग कर रहा है। साल 2020 और आने वाला वर्ष भी इन वैक्सीनों को ही समर्पित होगा। आने वाले समय में विश्व के सामने 210 वैक्सीन बनकर तैयार होंगी। वर्तमान की यदि बात करें तो भारत में ही 8 वैक्सीन तैयार हो रही है जिसमें मॉडर्ना और कोवैक्सीन भी शामिल हैं। दुनिया के अन्य देशों के लिए भारत की सहायता के बिना हाल फिलहाल में तो वैक्सीन तैयार कर पाना संभव नहीं है। भारत का फार्मा सेक्टर करीब 2.9 लाख करोड़ रूपये का है। अगली स्लाइड्स से जानिए कौनसी वैक्सीन की क्या है कीमत और किन वैक्सीन के लिए मांगी है आपातकालीन अनुमति। 

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फाइजर वैक्सीन की कीमत 1450 रुपये होगी - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

1450 रूपये में मिलेगी फाइजर वैक्सीन
95 प्रतिशत असरदार फाइजर वैक्सीन के लिए फिलहाल इमरजेंसी अप्रूवल मांगा गया है। इसकी कीमत 1450 रुपये होगी। वहीं अन्य वैक्सीनों में मॉडर्ना वैक्सीन इसी महीने आ सकती है, जिसकी कीमत 750 रुपये हैं। कोवैक्सीन का तीसरा ट्रायल शुरू हो चुका है, इमरजेंसी अप्रूवल मांगा गया है लेकिन कीमत अभी तक तय नहीं हो पाई है। एस्ट्राजेनेका 500 रुपये में उपलब्ध होगी, इसके लिए भी इमरजेंसी अप्रूवल मांगा गया है। रशिया की स्पूतनिक-V भी दूसरे- तीसरे ट्रायल में है जिसकी कीमत अभी तय नहीं हो पाई है।

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एस्ट्राजेनेका के 5 करोड़ डोज तैयार कर लिए हैं - फोटो : iStock

एक साल में तैयार होंगे 100 करोड़ डोज
पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, जो कि फिलवक्त विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक है, उसके द्वारा एक नई प्रोडक्शन लाइन शुरू की जा रही है जिसके तहत आने वाले साले में वैक्सीन के 100 करोड़ डोज तैयार किए जाएंगे। सीरम इंस्टीट्यूट ने अबतक एस्ट्राजेनेका के 5 करोड़ डोज तैयार कर लिए हैं, जबकि अभी अनुमति का इंतजार है। 

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वैक्सीनों का 60 प्रतिशत हिस्सा भारत में ही तैयार होता है - फोटो : सोशल मीडिया

सिर्फ भारत में ही है क्षमता
न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, पिछले दिनों अमेरिका के राजदूत बैरी ओ फैरेल भारत में बन रही वैक्सीन का दौरा करके गए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वर्तमान में भारत के पास ही वो क्षमता है जिससे दुनिया की जरूरतें करने वाली वैक्सीन बनकर तैयार हो जाए। दुनियाभर में उपयोग में ली जाने वाली विभिन्न वैक्सीनों का 60 प्रतिशत हिस्सा भारत में ही तैयार होता है।

 

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भारत में सस्ती वैक्सीनों का सबसे अधिक उत्पादन हो रहा है - फोटो : pixabay
भारत में ही तैयार हो रही है सस्ती वैक्सीन
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला के अनुसार, भारत में सस्ती वैक्सीनों का सबसे अधिक उत्पादन हो रहा है। कोई भी दूसरा देश कोरोना से लड़ने के लिए भारत जितना काम नहीं कर रहा है। कैंपस में वर्तमान में तो सबसे अधिक एस्ट्राजेनेका के हजारों डोज तैयार हो रहे हैं। इन वैक्सीन को कम तापमान पर ऊंची छत वाले कमरों में रखा जा रहा है। 
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