विश्वभर में अलग-अलग तरह से वैक्सीन का निर्माण हो रहा है। वैक्सीन बनाने की अवधि और उनके परिणाम इन तकनीकों पर निर्भर कर रहे हैं। वर्तमान में विश्व में 6 तरह की वैक्सीन बन रही है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने देश की पहली एमआरएनए तकनीक से बनी वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। हाल ही में मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंस द्वारा यह जानकारी दी गई है। एचजीसीओ-19 नामक इस वैक्सीन को पुणे की जेनोवा कंपनी ने अमेरिका की एचडीटी बायोटेक कंपनी के साथ मिलकर बनाया है। जहां देशभर में अलग-अलग तरीकों से वैक्सीन का निर्माण हो रहा है, वहां यह अपने प्रकार की वैक्सीन है जो कि किसी मरे हुए वायरस या खोखले वायरस पर निर्भर न होते हुए एमआरएनए तकनीक से तैयार की गई है। अगली स्लाइड्स से जानिए वैक्सीन से जुड़ी अन्य बातें।