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Covid-19: 24 घंटे में सामने आए 760 नए मामले, संक्रमितों के लिए कोविड टास्क फोर्स ने जारी किए दिशा-निर्देश

Thu, 04 Jan 2024 12:25 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देश में कोरोना के मामले - फोटो : pixabay
कोरोना का नया वैरिएंट JN.1, भारत सहित दुनिया के कई देशों में बढ़ता हुआ रिपोर्ट किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन सहित कई अन्य देशों में कोरोना के कारण अस्पतालों में भीड़ बढ़ी है, संक्रमितों में मौत के भी मामले सामने आ रहे हैं। भारत के नजरिए से देखें तो यहां पिछले 20 दिनों से रोजाना औसतन 500 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की जा रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 760 नए लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है। तीन जनवरी तक JN.1 वैरिएंट देश के करीब 12 राज्यों में फैल चुका है, इससे संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 541 हो गई है। देश में कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या 4423 है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, संक्रमण का जोखिम लगातार बढ़ रहा है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संक्रमण पर निरंतर निगरानी बनाए रखने के लिए कहा है। फिलहाल केरल और कर्नाटक, दो राज्यों में संक्रमितों के सबसे अधिक मामले हैं।
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कोरोना संक्रमितों को लिए आइसोलेशन - फोटो : iStock
कोविड टास्क फोर्स का दिशा-निर्देश

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने कहा, देश में पिछले 24 घंटे में कोविड के कारण पांच मौतों की भी सूचना है। रोजाना 4-5 लोगों की मौत हो रही है हालांकि इनमें से अधिकतर लोगों में कोमोरबिडिटी की समस्या देखी जा रही है।

संक्रमण के खतरे को देखते हुए कोविड टास्क फोर्स ने पॉजिटिव रिपोर्ट वालों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें सलाह दी गई है कि जिन लोगों में कोविड-19 का सकारात्मक परीक्षण होता है, वे खुद से ही पांच दिनों के लिए आइसोलेट हो जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि परिवार के बुजुर्गों और कोमोरबिड लोग घर के भीतर मास्क पहनें और संक्रमित से शारीरिक दूरी बनाए रखें। 
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कोरोना से बचाव जरूरी - फोटो : iStock
सुरक्षात्मक उपायों का गंभीरता से करें पालन

टास्क फोर्स ने कहा, नए कोविड सब-वेरिएंट JN.1 से बचाव के लिए कोमोरबिडिटी वाले लोगों और बुजुर्गों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए और घर से बाहर जाते समय मास्क लगाना चाहिए। हालांकि सार्वजनिक तौर पर इन नियमों को लागू करने की कोई आवश्यकता नहीं है, सुरक्षात्मक तौर पर सभी लोग खुद से ही कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहें।

महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की वाइस चांसलर और टास्क फोर्स की सदस्य डॉ. माधुरी कानिटकर मीडिया को बताया, कोविड की स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन हमें अगले दो हफ्तों तक सतर्क रहना चाहिए।

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कोरोना की जांच (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
केरल और कर्नाटक सबसे प्रभावित राज्य

देश में कोरोना की स्थिति की बात करें तो केरल और कर्नाटक सबसे प्रभावित राज्य हैं। कर्नाटक में कोविड-19 संक्रमण बुधवार को 75 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 260 हो गया। यहां पॉजिटिविटी रेट 3.46 प्रतिशत दर्ज की जा रही है।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक ऑडिट में पाया गया है कि 15 दिसंबर 2023 के बाद से कोविड-19 के कारण होने वाली अधिकतक मौतें कोमोरबिडिटी के कारण हुई हैं। 10 मौतों के अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों ने बताया कि कोविड उन्हीं लोगों में गंभीर रोगकारक है जिनको पहले से ही कोई क्रोनिक बीमारी रही है।
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कोरोना से बचाव करें - फोटो : Pixabay
कोमोरबिडिटी वाले बरतें खास सावधानी

टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ. रमन गंगाखेडकर ने कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए सेल्फ आइसोलेशन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा, कोमोरबिडिटी वालों को संक्रमण से बचाने के लिए कुशल रणनीति  की जरूरत होगी। ज्यादातर संक्रमितों के लक्षण हल्के हैं, पर ये अन्य लोगों के लिए कोविड वाहक हो सकते हैं, इसलिए संक्रमण से बचाव के उपायों का पालन करते रहना सभी के लिए आवश्यक है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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