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Papillomaviruses: वैज्ञानिकों ने 13 नए प्रकार के पेपिलोमावायरस का पता लगाया, इनसे कैंसर का बढ़ सकता है खतरा

Sun, 07 Apr 2024 08:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नए पेपिलोमावायरस के बारे में पता चला - फोटो : iStock
पिछले कुछ वर्षों से दुनियाभर में कोरोनावायरस के कारण होने वाली बीमारी का खतरा देखा जा रहा है। चार साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी यह कब तक जारी रहेगा, कोरोना का वैश्विक खतरा कब खत्म होगा, इस बारे में विशेषज्ञों को स्पष्ट जानकारी नहीं है। वैश्विक स्तर पर जारी इस संक्रामक रोग के खतरों के बीच वैज्ञानिकों की टीम ने कुछ और प्रकार का संक्रमण को लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।

हालिया अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने 13 नए प्रकार के पेपिलोमावायरस का पता लगाया है। विशेषज्ञों ने कहा इनमें से कुछ इंसानों के लिए भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ाने वाले हो सकते हैं।

पेपिलोमावायरस को एचपीवी के रूप में भी जाना जाता है। इससे मनुष्यों और जानवरों सहित विभिन्न प्रकार की प्रजातियों में संक्रमण फैलने का जोखिम रहता है। एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अंटार्कटिका में खोज के दौरान इन नए वायरस के बारे में पता लगाया है। 
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पेपिलोमावायरस और इसके कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : iStock
अब तक सौ से अधिक ह्यूमन पेपिलोमावायरस का चल चुका है पता

अब तक सौ से अधिक ह्यूमन पेपिलोमावायरस की पहचान की जा चुकी है। अध्ययनों में कैंसर के साथ इन वायरस के संबंध के आधार पर इसे कम और उच्च जोखिम वाले प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया, वायरस हर जगह हैं। विशेषज्ञों ने बताया तेंदुए की सील, वेडेल सील और अंटार्कटिक फर सील के ऊतक के सैंपल का विश्लेषण करके 13 नए प्रकार के पेपिलोमावायरस की पहचान की, जिनमें से 11 पूरी तरह से नए हैं।
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पेपिलोमावायरस से कैंसर का खतरा - फोटो : Pixabay
नए वायरस से कैंसर के खतरे की भी आशंका

वायरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित शोध की रिपोर्ट के अनुसार पहचाने गए वायरस में से नौ में एचपीवी16 और एचपीवी18 जैसे संभावित रूप से कैंसर कारक जीन्स की पहचान की गई है। स्वास्थ्य विशेषतज्ञों ने बताया, पेपिलोमावायरस के कारण जननांगों पर सबसे ज्यादा असर देखा जाता है। कुछ प्रकार के  पेपिलोमावायरस  को उच्च जोखिमों वाला पाया गया है जिसके कारण सर्वाइकल कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।

एचपीवी वायरस जिनसे जननांगों में संक्रमण का खतरा रहता है, वो मुख्य रूप से यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के कारण फैलते हैं।
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पेपिलोमावायरस के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं - फोटो : istock
क्या कहती हैं अध्ययन की लेखक?

इस अध्ययन की प्रमुख लेखक मेलानी रेगनी और उनकी टीम ने वायरस के जीनोम सीक्वेंसिंग में इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिमों को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। 

इससे पहले इसी साल वैज्ञानिकों ने आर्कटिक और अन्य स्थानों पर बर्फ की चोटियों के नीचे दबे वायरस से उत्पन्न खतरों के बारे में चेतावनी दी थी। शोधकर्ताओं ने अलर्ट किया था कि आर्कटिक पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने से जोंबी वायरस निकल सकते हैं और यह दुनियाभर के लिए एक भयावह स्वास्थ्य आपातकाल हो सकता है। ह्यूमन पेपिलोमावायरस के कारण सर्वाइकल सहित कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा रहता है।



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स्रोत और संदर्भ
Diverse papillomaviruses identified from Antarctic fur seals, leopard seals and Weddell seals from the Antarctic

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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