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काम की बात: अगर चाहते हैं ड्रोन उड़ाना तो जान लीजिए सरकार की ये गाइडलाइन, वरना हो सकती है बहुत बड़ी दिक्कत

Tue, 28 Sep 2021 04:52 PM IST
संकल्प सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
हम में से कई लोग अक्सर वीडियोग्राफी या किसी अन्य उद्देश्य से ड्रोन को उड़ाते हैं। हालांकि कई लोग ड्रोन का गलत इस्तेमाल करके स्पाइंग करने का भी कार्य करते हैं। इस वजह से ड्रोन को उड़ाना राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा सवाल है। वहीं आने वाले समय में ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल देश के भीतर होने वाला है। कहा जा रहा है कि ये अर्थव्यवस्था को गति देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निकट भविष्य में ऑनलाइन डिलीवरी और कई अन्य माध्यमों में ड्रोन का बढ़-चढ़कर प्रयोग होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए हाल ही में केंद्र सरकार ने ड्रोन पॉलिसी को तैयार करके उससे जुड़ा नया नियम देश में लागू किया है। इस बीच सरकार ने ड्रोन उड़ाने को लेकर एक खास तरह का हवाई नक्शा बनाया है। इसमें हवाई रूट्स को अलग अलग भागों में बांटा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार देश के हवाई क्षेत्र को तीन रंगों में बांटा गया है। 
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drone - फोटो : अमर उजाला
ग्रीन जोन में आप 500 किलोग्राम तक के वजन वाले ड्रोन को 400 फीट की ऊंचाई तक उड़ा सकते हैं। इस जोन में ड्रोन्स को उड़ाने के लिए आपको सरकार से किसी प्रकार की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : बासित जरगर
सैन्य ठिकाने और एयर बेस को येलो जोन के अंतर्गत रखा गया है। गाइडलाइन के मुताबिक एयरपोर्ट के 8 से 12 किलोमीटर की परिधि में केवल 200 फीट से ऊपर ही ड्रोन को उड़ाया जा सकेगा। वहीं तीसरे जोन यानी की रेड जोन में ड्रोन को उड़ाने के लिए आपको केंद्र सरकार से अनुमति लेनी होगी।  

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
केंद्र सरकार ने इसका पूरा नक्शा अपने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म की वेबसाइट https://digitalsky.dgca.gov.in/home पर जारी कर दिया है। यहां पर उपलब्ध इंटरेक्टिव मानचित्र देखकर आपको इसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
हालांकि पिछले कुछ समय में भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर में मिलिट्री स्टेशन के पास कई ड्रोन्स को पकड़ा था, जो स्पाइंग और हमले के मकसद से हमारी सीमा के भीतर प्रवेश किए थे। इसे लेकर सरकार काफी गंभीर दिख रही है। यही वजह है कि उसने ड्रोन को लेकर देश में नई गाइडलाइन को जारी किया। 
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