Ali Manikfan
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कन्नूर में अली ने सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की और इसके बाद वो वापस आइलैंड लौट आए। इसके बाद वो साल 1956 में कोलकाता चले गए, जहां उन्हें अलग-अलग विषयों की किताबें मिली। अली के अंदर बचपन से कुछ कर गुजरने की इच्छा थी। इसलिए जब वो आइलैंड लौटे, तो इन किताबों के बारे में जानने के लिए वो इन्हें भी अपने साथ ले गए। अली ने इन्हीं किताबों की मदद से कई भाषाएं सीखी। इनमें मलयालय, अंग्रेजी, फ्रेंच, हिंदी, जर्मन, लैटिन, सिंहली, रशियन, ऊर्दू, संस्कृत और पर्शियन जैसी भाषाएं शामिल हैं। इसके अलावा अली उन लोगों के साथ भी बैठा करते थे, जिन्हें ये भाषाएं आती थी। अली सभी भाषाएं बोल तो नहीं पाते, लेकिन उन्हें लिखना-पढ़ना आता है।