प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
डॉ. तिरुमला देवी कन्नेगांती ने कहा कि 'इस अनुसंधान से हमारी समझ बढ़ेगी। हमने उस खास ‘साइटोकींस’ (कोशिका में मौजूद छोटा प्रोटीन जिससे संप्रेषण् होता है) की पहचान की है, जो कोशिका में सूजन उत्पन्न कर अंतत: उसे मौत के रास्ते पर ले जाता है। इस खोज से कोविड-19 और उच्च मृत्युदर वाली बीमारियों की संभावित इलाज खोजी जा सकती है।' इस अनुसंधान में श्रद्धा तुलाधर, पिरामल समीर, मिन झेंगे, बालामुरुगन सुंदरम, बालाजी भनोठ, आरके सुब्बाराव मलिरेड्डी आदि भी शामिल हैं।