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Chhath Puja 2020: छठ पूजा के चार दिन न करें ये गलतियां, व्रत माना जाएगा अपूर्ण

Mon, 16 Nov 2020 11:26 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

 शास्त्रों में कहा गया है कि छठ पूजा में सूर्य देव की पूजा करने से घर में धन-धान्य की कमी दूर हो जाती है। छठी मैय्या की पूजा करने से संतान की प्राप्ति भी होती है। सूर्य जैसी श्रेष्ठ संतान पाने के लिए अधिकांश महिलाएं छठ पूजा का यह व्रत रखती हैं। यूं तो भारतीय सभ्यता में कई सारे व्रत होते हैं लेकिन छठ पूजा के व्रत को कठिन उपवासों में से एक माना जाता है क्योंकि इस व्रत से जुड़े नियम बेहद कठिन होते हैं। छठ पूजा के दौरान कुछ बातों का बहुत ध्यान रखना होता है तभी पूजन को सफल माना जाता है। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानते हैं वे गलतियां जिन्हें भूलवश भी छठ पूजन के दौरान नहीं करना चाहिए।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
साफ-सफाई का रखें ख्याल
साफ-सफाई का भी छठ पूजा में बहुत महत्व होता है। जिस जगह पर छठ पूजा का प्रसाद बनता है उसे साफ सुथरा रखना चाहिए। गंदे हाथों से छठ पूजा का प्रसाद न ही बनाना चाहिए और न ही छूना चाहिए। जिस जगह पर घर पर खाना बनाया जाता है वहां पर छठ पूजा का प्रसाद नहीं बनता है। मिट्टी के चूल्हे पर ही छठ पूजा का प्रसाद बनाते हैं। प्रसाद बनाने के बाद भोग से पहले उसे नहीं चखना चाहिए।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Screengrab from twitter video
बच्चे न कर दें यह गलती
छठ पूजा के चारों दिन इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे पूजा के किसी भी सामान को बिना हाथ धोए नहीं छूएं और यदि वे ऐसा कर देते हैं तो फिर उस सामाग्री को उपयोग में न लें। बच्चे प्रसाद खाने की जिद करते हैं पर यह आपको ध्यान रखना होगा कि जब तक छठ का पर्व संपन्न नहीं हो जाता है तबतक बच्चे प्रसाद को जूठा न कर पाएं। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
नकारात्मक ऊर्जा को कहें अलविदा
जो लोग छठ पूजा का व्रत रखते हैं उन्हें अपशब्द और अभद्र भाषा नहीं बोलनी चाहिए। व्रत के चारों दिन लड़ाई नहीं करना चाहिए। यदि कोई लड़ाई कर रहा है तो उस जगह से दूर चले जाएं। अपने मन को शांत और अधिक से अधिक सकारात्मक ऊर्जा से भरकर रखना है। दिनभर मन ही मन छठी मैया और सूर्यदेव की उपासना करना है। किसी से किसी की बुराई करना भी वर्जित है।
 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
मांसाहार को कहें न
छठी पूजा के दिनों में जो व्यक्ति प्रसाद बनाता है या जो व्रत रखता है, उसे गलती से भी मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसे स्थान पर या ऐसे बर्तन में प्रसाद न पकाएं जिसमें मांसाहार बन चुका हो। घर के सदस्यों को भी इन चार दिन मांसाहार का सेवन न करने दें। शराब और सिगरेट का सेवन भी निषेध है। सात्विक भोजन करें, हो सके तो लहसून- प्याज का भी सेवन न करें।
 
 
 
 
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