प्रतीकात्मक तस्वीर
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वेश्यावृत्ति विरोधी कानून कितने कारगर?
वेश्यावृत्ति रोकने वाले कानून महिलाओं की कितनी हिफाजत करते हैं और स्वास्थ्य सेवा जैसे लाभों तक उनकी कितनी पहुंच बनाते हैं, यह सभी देशों में एक समान नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि गरीब देशों में वेश्यावृत्ति निरोधी कानून का सहारा लेकर अक्सर महिला सेक्स वर्करों को ही प्रताड़ित किया जाता है। इसके अलावा, ये कानून बीमारियां फैलने से रोकने, मानव तस्करी या महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को रोकने में हमेशा कारगर नहीं रहे हैं। किंग्स कॉलेज लंदन में कानून और सामाजिक न्याय की प्रोफेसर प्रभा कोटिश्वरन कहती हैं, "वेश्यावृत्ति निरोधी कानून से सेक्स वर्कर्स के अधिकारों का हनन किया जाता है।" वो कहती हैं, "कानून से बचने के लिए उनको पुलिसवालों को रिश्वत देनी पड़ती है- या तो यौन रिश्वत या आर्थिक रिश्वत। मतलब यह कि रिश्वत में दिए गए पैसे की भरपाई के लिए उनको ज़्यादा सेक्स वर्क करना पड़ेगा।" अभियान चलाने वाले लोग, जो खुद को उन्मूलनवादी कहते हैं, पुरुष ग्राहकों पर जुर्माना लगाने की मांग करते हैं। लेकिन दूसरे लोगों का मानना है कि सबसे ज्यादा ध्यान महिलाओं को सशक्त बनाने पर होना चाहिए। ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? उन्मूलनवादियों का कहना है कि वेश्यावृत्ति को 100 फीसदी वैध बना दिया जाए।