लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इस कॉलम में हम आपको ऐसे ही अलग बात वाले वर्दीवालों से परिचित कराते हैं। इनमें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट नवनीत सिकेरा की अलग पहचान है।
विज्ञापन
2 of 7
आईपीएस नवनीत सिकेरा
- फोटो : डेमो
लखनऊ में अपराधियों का वर्चस्व खत्म करने के लिए नवंबर 2004 में तेजतर्रार आईपीएस नवनीत सिकेरा को कप्तान बनाया गया। टॉप-10 बदमाशों की सूची तैयार कर शिकंजा कसना शुरू किया। इसमें डॉन रमेश यादव उर्फ रमेश कालिया का भी नाम था। राजनेताओं के संरक्षण के चलते बेखौफ रमेश कालिया पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ व्यापारियों से रंगदारी वसूलने में जुटा था।
विज्ञापन
3 of 7
आईपीएस नवनीत सिकेरा
- फोटो : डेमो
उसने एक बिल्डर से पांच लाख की रंगदारी की मांग की। उसे निलमथा इलाके में निर्माणाधीन मकान पर बुलाया। चारों ओर गुर्गों को मुस्तैद कर रखा था। उसके अड्डे तक पहुंचने का कोई रास्ता नजर न आने पर नवनीत सिकेरा ने पुलिस की बारात की स्क्रिप्ट तैयार की। एक महिला कांस्टेबल को दुल्हन बनाकर डोली में बैठाया। दूल्हे के भेष में इंस्पेक्टर के साथ असलहों से लैस पुलिस की टीम बाराती थी। बैंडबाजे के साथ बारात निलमथा में रमेश कालिया के अड्डे तक जा पहुंची।
4 of 7
आईपीएस नवनीत सिकेरा
- फोटो : डेमो
बिल्डर से रंगदारी वसूलने निकले रमेश कालिया को चारों तरफ से घिरने पर बारात के सच की भनक लगी। मुठभेड़ में वह मारा गया। नवनीत सिकेरा की दस महीने की कप्तानी में 22 एनकाउंटर से अपराधी थर्रा उठे। राजधानी के बाशिंदे 13 साल बाद भी उनकी कप्तानी को भुला नहीं पाए हैं। शिकायतों पर कार्रवाई कराकर उन्होंने नागरिकों का ऐसा विश्वास जीता कि शहर से लेकर गांव तक उनका खुद का नेटवर्क था।
विज्ञापन
5 of 7
आईपीएस नवनीत सिकेरा
- फोटो : डेमो
नवनीत सिकेरा ने आशियाना कांड में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए संघर्ष को आज भी भुला नहीं पाए हैं। चलती कार में युवती से सामूहिक दुष्कर्म के साथ दरिंदों ने उसके शरीर को सिगरेट से दागा। इसके बाद फेंककर फरार हो गए। वारदात में सपा शासनकाल में कद्दावर नेता के भतीजे का नाम आते ही पुलिस पर दबाव बनना शुरू हुआ और नवनीत सिकेरा अकेले पड़ गए। वह बेबाकी से कहते हैं कि इंसाफ की लड़ाई में सिर्फ मीडिया उनके साथ थी। आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और उन्हें सजा मिली।
विज्ञापन
6 of 7
- फोटो : डेमो
1090 से जीता महिलाओं का विश्वास
अखिलेश सरकार में लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक बने नवनीत सिकेरा ने अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ महिलाओं को इंसाफ दिलाने की पहल की। उनके सुझाव पर वीमेन पावर लाइन-1090 शुरू की गई। शिकायतों पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू होने से वीमेन पावर लाइन पूरे प्रदेश में मशहूर हो गई। गांव से भी महिलाएं 1090 पर कॉल कर शोहदों की शिकायत करने लगीं।
वीमेन पावर लाइन में हर साल तकरीबन दो लाख शिकायतें दर्ज होती हैं और टीम उनका निस्तारण करती है। प्रदेश भर के थानों में दो-ढाई लाख आपराधिक मामले दर्ज होते हैं। इस तरह पूरे प्रदेश में दर्ज अपराधों के बराबर वीमेन पॉवर लाइन में शिकायतें दर्ज की जाती हैं। नवनीत सिकेरा वीमेन पावर लाइन को अपने जीवन की एक बड़ी उपलब्धि मानते हैं।