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UPSC सिविल सेवा परीक्षा से आप भी बन सकते हैं लोक सेवा अधिकारी, ध्यान रखें ये तारीखें

Thu, 21 Jan 2021 07:37 PM IST
Devesh Devesh जॉब डेस्क, अमर उजाला
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UPSC - फोटो : social media
देश का सबसे अहम सरकारी सेवा विभाग भारत की प्रशासनिक सेवाओं को माना जाता है। इसमें चयन संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित की जानी वाली सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE - Civil Service Examination) के माध्यम से होता है। प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए यही परीक्षा पास करनी होती है। हर साल लाखों युवा पूरी तैयारी के साथ इस परीक्षा में शामिल भी होते हैं, लेकिन कुछ ही सफलता प्राप्त कर पाते हैं। जो सफल हो जाते हैं वे आईएएस, आईपीएस एवं अन्य सेवा विभागों में अधिकारी बनते हैं। यूपीएससी की ओर से इस बार सिविल सेवा परीक्षा 2021 परीक्षा संबंधी अधिसूचना 10 फरवरी, 2021 को जारी की जाएगी। 
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upsc 2017
यूपीएससी के एग्जाम कैलेंडर के अनुसार, सिविल सेवा परीक्षा 2021 की प्रारंभिक परीक्षा 27 जून को आयोजित की जानी प्रस्तावित है। इसके लिए आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 02 मार्च, 2021 तक सक्रिय रहेगी। सिविल सेवा 2021 की मुख्य परीक्षा सितंबर तक आयोजित की जा सकती है। सिविल सेवा परीक्षा 2021 की प्रारंभिक परीक्षा के साथ ही भारतीय वन सेवा 2021 के लिए भी आवेदन और परीक्षा समान तिथियों पर प्रस्तावित हैं। सिविल सेवा के दो विभाग इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) और इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। आइए जानते हैं आईएएस या आईपीएस अधिकारियों के प्रशिक्षण, कार्य, रुतबे और सुविधाओं में अंतर। 
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civil service exam - फोटो : file photo
इन पदों के लिए होती है सिविल सेवा परीक्षा  
  1. भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)
  2. भारतीय विदेश सेवा (IFS)
  3. भारतीय पुलिस सेवा (IPS)
  4. भारतीय राजस्व सेवा ग्रुप ए  (कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज) (IRS)
  5. भारतीय राजस्व सेवा (आईटी) ग्रुप ए
  6. भारतीय डाक सेवा ग्रुप ए
  7. भारतीय सूचना सेवा (जूनियर ग्रेड) ग्रुप ए
  8. इंडियन पी एंड टी अकाउंट्स एंड फाइनेंस सर्विस ग्रुप ए
  9. इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस ग्रुप ए
  10. इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस ग्रुप ए
  11. इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज सर्विस ग्रुप ए
  12. इंडियन सिविल अकाउंट्स सर्विस ग्रुप ए
  13. इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस ग्रुप ए
  14. इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस ग्रुप ए
  15. इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विस ग्रुप ए
  16. रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर का पद
  17. इंडियन डिफेंस एस्टेट सर्विस ग्रुप ए
  18. इंडियन ट्रेड सर्विस ग्रुप ए (ग्रेड-3)
  19. इंडियन कॉर्पोरेट लॉ सर्विस ग्रुप ए
  20. सशस्त्र सेना मुख्यालय सिविल सर्विस ग्रुप बी (सेक्शन ऑफिसर्स ग्रेड)
  21. दिल्ली, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन दीव और दादर नागर हवेली सिविल सेवा (प्रशासनिक) ग्रुप बी
  22. दिल्ली, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन दीव और दादर नागर हवेली पुलिस सेवा ग्रुप बी
  23. पुडुचेरी प्रशासनिक सेवा ग्रुप बी
  24. पुडुचेरी पुलिस सेवा ग्रुप बी 
आदि में नियुक्ति सिविल सेवा परीक्षा से मिलती है।

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आईएएस - फोटो : File Photo
शीर्ष रैंक वाले बनते हैं आईएएस 
सिविल सेवा परीक्षा परीक्षा में शीर्ष रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार ही आईएएस अधिकारी बन पाते हैं। इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस यानी आईएएस से ही ब्यूरोक्रेसी यानी नौकरशाही में प्रवेश होता है। आईएएस में चयनित अभ्यर्थी विभिन्न मंत्रालयों में सचिव, विभागों या जिलों के प्रशासनिक अधिकारी/ जिलाधिकारी/ कलेक्टर बनते हैं। एक आईएएस अधिकारी ही भारतीय नौकरशाही के सबसे बड़े पद कैबिनेट सचिव तक भी पहुंच सकता है। मंत्रालयों में सचिव, उप सचिव, सहायक सचिव, अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव जैसे पद आईएएस अधिकारी को ही मिलते हैं।  
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लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन
प्रशिक्षण व्यवस्था  
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) तथा भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की शुरुआती तीन महीने की ट्रेनिंग लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ही होती है। इसे फाउंडेशन कोर्स के तौर पर जाना जाता है। इसके बाद आईपीएस प्रशिक्षु अधिकारियों को आगे के प्रशिक्षण के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA), हैदराबाद भेजा जाता है। यहां उन्हें पुलिस की मुश्किल ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें घुड़सवारी, परेड, हथियार चलाना सिखाया जाता है।  
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Police force - फोटो : अमर उजाला
ड्रेस कोड, अंगरक्षक और सम्मान  
आईएएस अधिकारियों का कोई ड्रेस कोड निर्धारित नहीं होता है। हालांकि, रैंक के अनुसार वे अपने स्तर पर इच्छानुसार, फॉर्मल ड्रेस और कोट पहनते हैं। वहीं, एक आईपीएस अधिकारी हमेशा ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनते हैं। कभी-कभार ही वे फॉर्मल ड्रेस में नजर आते हैं। सुरक्षा और पद वरीयता के लिहाज से एक आईएएस अधिकारी के साथ दो या तीन अंगरक्षक मिलेंगे। वहीं एक आईपीएस के साथ उसके पद वरीयता प्रोटोकॉल के अनुसार पुलिस एस्कॉर्ट रहती है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी आईएएस अधिकारी को एक मेडल दिया जाता है और आईपीएस अधिकारी को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाता है। 
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dgp himachal - फोटो : अमर उजाला
आईएएस या आईपीएस कौन ज्यादा शक्तिशाली
आईएएस और आईपीएस दोनों ही सेवाओं का स्तर बेहद सम्मानजनक होता है और दोनों ही बहुत शक्तिशाली पद हैं। हालांकि, आईएएस एक डीएम जिलाधिकारी के तौर पर काफी ज्यादा शक्तिशाली होता है। जिलाधिकारी के रूप में वह जिले के पुलिस विभाग के साथ-साथ जिले के सभी विभागों का प्रशासनिक मुखिया भी होता है। जबकि एक आईपीएस के पास केवल अपने विभाग की जिम्मेदारी होती है। आईपीएस अधिकारी बतौर पुलिस अधीक्षक या पुलिस कमिश्नर क्षेत्र में पुलिस, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण का कामकाज संभालते हैं। वहीं, लोक प्रशासन और नीति निर्माण और कार्यान्वयन के लिए आईएएस जिम्मेदार होता है, यानी सरकार जो नीतियां बनाती है उन्हें लागू करवाने काम एक आईएएस अधिकारी का होता है। 

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IAS-IPS - फोटो : SELF
शक्तियों को ऐसे समझें
एक राज्य में आईपीएस का सबसे बड़ा पद डीजीपी यानी पुलिस महानिदेशक का होता है और आईएएस श्रेणी में उस राज्य का मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) शीर्ष अधिकारी होता है। ये दोनों पद एक-दूसरे के समकक्ष श्रेणी के हैं। दोनों ही राज्य के मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। मुख्य सचिव राज्य की सभी प्रशासनिक सेवाओं के लिए उत्तरदायी होता है जबकि डीजीपी राज्य में कानून व्यवस्था और लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी संभालते हैं। विशेष मामलों में मुख्य सचिव डीजीपी से रिपोर्ट तलब कर सकते हैं, लेकिन मुख्य सचिव डीजीपी के बॉस नहीं होते हैं। आईएएस कैडर का नियंत्रण कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय करता है तो वहीं, आईपीएस कैडर का नियंत्रण गृह मंत्रालय द्वारा किया जाता है। 

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डेमो पिक
किसे कितनी तनख्वाह
आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को काफी बेहतरीन वेतन मिलता है। वेतन के अलावा कई प्रकार की भत्ते और सुविधाएं भी मिलती हैं। सातवें वेतन आयोग के अनुसार आईएएस अधिकारी की बेसिक सैलरी 56,100 रुपए महीना होती है। टीए-डीए जैसे भत्तों को गिने तो नौकरी की शुरुआत में ही एक आईएएस अधिकारी को वेतन एक लाख रुपए से ज्यादा होता है। जबकि शीर्ष पद चीफ सेक्रेटरी के लिए करीब 2,50,000 तक पहुंच जाती है। वहीं, अगर आईपीएस अधिकारी कैडर की बात करें तो यहां भी वेतन में आईएएस कैडर के मुकाबले थोड़ा सा कम होता है। आईपीएस अधिकारी का बेसिक वेतन 56,100 रुपए प्रति माह से शुरू होता है, जो पदोन्नति के साथ 2,25,000 रुपए प्रति माह तक पहुंच जाता है। इन्हें भी वेतन के अलावा कई प्रकार की भत्ते और सुविधाएं भी मिलती हैं। 
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देश की अफसरशाही - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मिलती हैं तमाम सुविधाएं  
गौरतलब है कि प्रशासनिक अधिकारियों को वेतन स्केल के आधार पर होता है, जैसे- जूनियर स्केल, सीनियर स्केल, सुपर टाइम स्केल, इसके अलावा वेतनमानों में अलग-अलग वेतन बैंड भी होते हैं। इन अधिकारियों को तमाम सुविधाएं जैसे बंगला, कुक, चपरासी और स्टाफ शामिल हैं। इसके अलावा उन्हें दूरभाष, यात्राएं भी फ्री होती हैं। याद रहे कि देश में नौकरशाही में सबसे ज्यादा सैलरी सचिव स्तर के अधिकारी को मिलती है। सबसे बड़ा पद भी केंद्रीय कैबिनेट सचिव का होता है।  
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