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Jharkhand: CM हेमंत सोरेन ने बाहा पर्व पर सरना पूजा स्थल में की उपासना, राज्यवासियों के सुख-समृद्धि की कामना

Sat, 08 Mar 2025 08:36 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Ranchi News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी आदिवासी सभ्यता और संस्कृति में निहित है और आदिवासी समाज ही प्रकृति के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने 'बाहा पर्व' के मौके पर पूरे राज्यवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
 
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सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने की पूजा-अर्चना - फोटो : अमर उजाला
प्रकृति उपासना का महापर्व 'बाहा पर्व' के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को जमशेदपुर के कदमा स्थित शास्त्रीनगर के सरना पूजा स्थल 'जाहेरथान' में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान राज्यवासियों के सुख, समृद्धि, उन्नति और कल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने गुरु गोमके पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
 
आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि झारखंड सरकार आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को संरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक संरक्षण के बहुआयामी दृष्टिकोण के साथ आदिवासी समुदाय को सशक्त करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समाज को एकजुट रहने की आवश्यकता है ताकि वे अपनी परंपराओं और संस्कृति को मजबूती से आगे बढ़ा सकें।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी आदिवासी सभ्यता और संस्कृति में निहित है और आदिवासी समाज ही प्रकृति के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने 'बाहा पर्व' के मौके पर पूरे राज्यवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
 
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आदिवासी समाज ने की सामूहिक उपासना - फोटो : अमर उजाला
सामूहिक उपासना और समुदाय की भागीदारी
बाहा पर्व के इस विशेष आयोजन में आदिवासी समाज के प्रमुख नेता, मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूजा-अर्चना के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पालन किया गया। इस अवसर पर मंत्री रामदास सोरेन, सांसद जोबा मांझी, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक मंगल कालिंदी, विधायक संजीव सरदार, विधायक सविता महतो, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता उपस्थित रहे।
 
इसके अलावा आदिवासी संथाल जाहेरथान समिति के संरक्षक लक्ष्मण टुडू, अध्यक्ष भुवा हांसदा, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम कासके, सचिव पंचू हांसदा, महासचिव भीम, माझी बाबा बिन्दे सोरेन, सुरेंद्र टुडू एवं समिति के अन्य सदस्यगण भी इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए।
 
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सीएम हेमंत सोरेन तथा अन्य लोग - फोटो : अमर उजाला
आदिवासी समाज के लिए सरकार की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर झारखंड में आदिवासी समाज के विकास के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी भाषाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि झारखंड के मूल निवासियों का सर्वांगीण विकास हो सके।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'बाहा पर्व' प्रकृति और इंसान के बीच सामंजस्य का प्रतीक है। यह पर्व हमें सिखाता है कि हमें अपने पर्यावरण और संस्कृति को सहेजकर रखना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आदिवासी समाज की परंपराओं और धरोहर को सहेजने में सहयोग देने की अपील की।
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